प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की उपस्थिति में भारत और सिंगापुर के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार, और सांस्कृतिक सहयोग को और गहरा करना था। यह अवसर दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत और सिंगापुर के बीच संबंध मजबूत होते जा रहे हैं, और आज हस्ताक्षर किए गए ये समझौते हमारे साझा लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हमारी साझेदारी व्यापार, तकनीकी नवाचार, और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।”
प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने भी इस अवसर पर कहा कि सिंगापुर भारत के साथ अपनी साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करना चाहता है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार भारत के साथ व्यापार, प्रौद्योगिकी, और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज के समझौते दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नए अवसर पैदा करेंगे।”
इन समझौतों में डिजिटल भुगतान, फिनटेक, और साइबर सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग प्रमुख रूप से शामिल था। इसके साथ ही, दोनों देशों ने हरित ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर भी मिलकर काम करने का संकल्प लिया। समझौतों के अंतर्गत सिंगापुर और भारत के बीच स्टार्टअप्स और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं पर भी सहमति बनी।
समारोह के अंत में दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस सहयोग की सराहना की और विश्वास जताया कि ये समझौते आने वाले वर्षों में भारत-सिंगापुर संबंधों को और मजबूत करेंगे, जिससे दोनों देशों की जनता को लाभ मिलेगा।

