एमपॉक्स पर डब्ल्यूएचओ की आपातकालीन बैठक

एमपॉक्स पर डब्ल्यूएचओ की आपातकालीन बैठक


विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 22 नवंबर 2024 को एमपॉक्स (पूर्व में मंकीपॉक्स) की वैश्विक स्थिति की समीक्षा के लिए एक आपातकालीन बैठक आयोजित की। इस बैठक का उद्देश्य यह निर्धारित करना था कि क्या एमपॉक्स अभी भी वैश्विक स्वास्थ्य संकट बना हुआ है।

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डब्ल्यूएचओ ने अगस्त 2024 में एमपॉक्स को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था, जब अफ्रीका में इस बीमारी का प्रसार तेजी से हो रहा था। 3 नवंबर 2024 तक, अफ्रीका में 46,794 पुष्ट और संदिग्ध मामले सामने आए थे, जिनमें 1,081 मौतें शामिल थीं। सबसे अधिक प्रभावित देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, बुरुंडी और युगांडा थे।

एमपॉक्स एक वायरल संक्रमण है जो निकट संपर्क के माध्यम से फैलता है। हालांकि यह आमतौर पर गंभीर नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में घातक साबित हो सकता है। लक्षणों में फ्लू जैसे लक्षण और शरीर पर घाव शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ ने प्रभावित देशों में वैक्सीन खुराक आवंटित की है और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपायों पर काम कर रहा है।

इस आपातकालीन बैठक के परिणामस्वरूप, डब्ल्यूएचओ ने एमपॉक्स की स्थिति पर अपनी सिफारिशें जारी कीं, जिनका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर इस बीमारी के प्रसार को रोकना और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना है।