दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति के चलते लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 प्रतिबंधों में ढील देने के संबंध में हाल ही में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सुप्रीम कोर्ट का निर्णय:
25 नवंबर 2024 को, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 के तहत लागू प्रतिबंधों में ढील देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की पीठ ने कहा कि जब तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के स्तर में लगातार कमी नहीं आती, तब तक GRAP-4 से GRAP-3 या GRAP-2 में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। अदालत ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को निर्देश दिया कि वह स्कूलों और कॉलेजों में शारीरिक कक्षाओं को फिर से शुरू करने की समीक्षा करे, विशेषकर उन छात्रों के लिए जो मध्याह्न भोजन और ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं उठा सकते।
प्रभावित वर्गों के लिए निर्देश:
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि GRAP-4 के प्रतिबंधों का समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अदालत ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे निर्माण कार्यों पर लगे प्रतिबंधों के दौरान श्रम उपकर के रूप में एकत्रित धन का उपयोग इन श्रमिकों की आजीविका सुनिश्चित करने के लिए करें।
GRAP-4 के तहत लागू प्रतिबंध:
GRAP-4 तब लागू होता है जब दिल्ली का AQI 450 से अधिक हो जाता है। इस चरण के तहत निम्नलिखित उपाय लागू किए जाते हैं:
- दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश रोकना, आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले या स्वच्छ ईंधन (LNG/CNG/BS-VI डीजल/इलेक्ट्रिक) का उपयोग करने वाले ट्रकों को छोड़कर।
- राजमार्गों, सड़कों, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली पारेषण, पाइपलाइनों, दूरसंचार आदि जैसी सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध।
- स्कूलों में कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 की प्रत्यक्ष कक्षाओं को बंद करना, ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन।
वर्तमान स्थिति:
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट ने GRAP-4 के प्रतिबंधों में ढील देने से इनकार किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जब तक AQI में स्थायी सुधार नहीं होता, तब तक प्रतिबंध जारी रहेंगे। साथ ही, प्रभावित वर्गों के लिए राहत उपायों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे वायु प्रदूषण को कम करने में सहयोग करें और लागू प्रतिबंधों का पालन करें, ताकि जल्द से जल्द स्थिति में सुधार हो सके।

