बिहार के बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड के नागपुरा गांव में हाल ही में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना का विवरण:
- धर्म परिवर्तन का आरोप: स्थानीय लोगों का आरोप है कि ईसाई मिशनरियों ने गंगा नदी के किनारे महिलाओं को गंगा स्नान करवाकर उनके सिंदूर को मिटाया और उनके माथे पर क्रॉस का निशान बनाकर उन्हें ईसाई धर्म में परिवर्तित करने का प्रयास किया।
- विरोध और हमला: जब ग्रामीणों ने इस गतिविधि का विरोध किया, तो धर्म प्रचारकों ने उन पर हमला किया। इस घटना के बाद, पुलिस ने तीन धर्म प्रचारकों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है।
- पुलिस की प्रतिक्रिया: बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने बताया कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि महिलाओं का उनकी इच्छा के विरुद्ध धर्मांतरण किया जा रहा था। मामले की जांच जारी है और संबंधित साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
- वायरल वीडियो: इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें प्रचारकों को महिलाओं को गंगा नदी में डुबकी लगाने का निर्देश देने के बाद उनके सिर पर क्रॉस का निशान बनाकर सिंदूर हटाते हुए देखा जा सकता है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने धर्म प्रचारकों की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चमत्कार, स्वास्थ्य और शिक्षा के नाम पर धर्मांतरण दुर्भाग्यपूर्ण है और इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए।
संबंधित घटनाएं:
इससे पहले, बिहार के बगहा जिले में भी झाड़-फूंक और तेल-पानी के नाम पर धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया था, जहां बिना प्रशासनिक अनुमति के सभाएं आयोजित कर लोगों का धर्मांतरण किया जा रहा था।
इन घटनाओं से राज्य में धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर बहस छिड़ गई है, और प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

