26 नवंबर 2024 को भारत ने संविधान को अंगीकार करने की 75वीं वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर संसद के संविधान सदन (पूर्व में पुराना संसद भवन) के सेंट्रल हॉल में एक विशेष संयुक्त सत्र आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री, सांसद, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ:
- स्मारक सिक्का और डाक टिकट का विमोचन: संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किए गए।
- संविधान के संस्कृत और मैथिली संस्करणों का विमोचन: भारतीय संविधान के संस्कृत और मैथिली संस्करणों का विमोचन किया गया, जिससे इन भाषाओं के पाठकों को संविधान की सामग्री तक पहुँचने में सुविधा होगी।
- पुस्तकों का विमोचन: ‘भारत के संविधान का निर्माण: एक झलक’ और ‘भारत के संविधान का निर्माण और इसकी गौरवशाली यात्रा’ शीर्षक से दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। इसके अलावा, संविधान की कला को समर्पित एक पुस्तिका भी जारी की गई।
- लघु फिल्म का प्रदर्शन: भारतीय संविधान की महिमा, इसके निर्माण, और ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाते हुए एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
राष्ट्रपति का संबोधन:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में संविधान के मूल्यों और सिद्धांतों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने संविधान निर्माताओं के योगदान की सराहना की और नागरिकों से संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान किया।
अन्य वक्ताओं के विचार:
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने संविधान की विशेषताओं, लोकतंत्र की मजबूती, और नागरिक कर्तव्यों पर चर्चा की।
संविधान दिवस का महत्व:
26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकार किया था, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संविधान निर्माताओं के योगदान को सम्मानित करना है।
इस विशेष सत्र के माध्यम से संविधान की 75वीं वर्षगांठ को भव्यता से मनाया गया, जिससे नागरिकों में संविधान के प्रति सम्मान और समझ बढ़ी।

