E20 petrol mileage reduction :- आजकल सड़क पर गाड़ी चलाते समय हर कोई पेट्रोल की कीमत और माइलेज को लेकर चिंतित रहता है। हाल ही में E20 पेट्रोल को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई वाहन मालिक शिकायत कर रहे हैं कि माइलेज पहले से कम हो गया है। लेकिन तेल मंत्रालय ने एक विस्तृत Q&A दस्तावेज जारी करके इन सवालों का जवाब दिया है। आइए जानते हैं पूरी सच्चाई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!E20 पेट्रोल क्या है और क्यों लाया गया?
E20 पेट्रोल में 20% एथनॉल मिलाया जाता है। भारत सरकार का एथनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) सालों से चल रहा है। 2001 में पायलट प्रोजेक्ट से शुरू होकर 2022 में 10% ब्लेंडिंग हासिल की गई, और अब 2025-26 में 20% तक पहुंच गया। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और पर्यावरण को बचाना है।
तेल मंत्रालय के अनुसार, E20 एक स्वच्छ, उच्च गुणवत्ता वाला और अधिक कुशल ईंधन है। एथनॉल में ऑक्टेन रेटिंग ज्यादा होती है (लगभग 108.5), जो इंजन को बेहतर बनाती है। इससे नॉकिंग कम होती है, दहन तेज और साफ होता है, पिक-अप बेहतर मिलता है और एक्सेलरेशन स्मूद रहता है।
माइलेज पर असर: 3-5% की कमी स्वीकार की
हां, मंत्रालय ने साफ-साफ माना है कि कुछ वाहनों में माइलेज 3-5% कम हो सकता है। वजह सरल है – एथनॉल में पेट्रोल की तुलना में प्रति लीटर ऊर्जा कम होती है। पुराने वाहनों (खासकर 2023 से पहले बने) में यह असर थोड़ा ज्यादा दिख सकता है।
लेकिन मंत्रालय जोर देकर कहता है कि माइलेज सिर्फ एक पैरामीटर है। असली फायदे कहीं ज्यादा हैं:
- स्वच्छ दहन (Cleaner Combustion): पार्टिकुलेट एमिशन लगभग शून्य, लाइफसाइकल कार्बन एमिशन में करीब 40% कमी।
- बेहतर परफॉर्मेंस: स्मूद एक्सेलरेशन, बेहतर पिक-अप।
- इंजन स्वास्थ्य: व्यापक टेस्टिंग के बाद पाया गया कि E20 से इंजन में जंग, असामान्य घिसाव या पार्ट्स लाइफ में कोई बड़ा नुकसान नहीं होता।
- ऊर्जा सुरक्षा: विदेशी मुद्रा की बचत (हजारों करोड़ रुपये), किसानों को अतिरिक्त आय, और कम तेल आयात।
मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों के फीडबैक के अनुसार, रियल-वर्ल्ड कंडीशंस में E20 से संबंधित कोई बड़ी समस्या रिपोर्ट नहीं हुई है।
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पुराने वाहनों के लिए सलाह
अगर आपकी गाड़ी पुरानी है तो:
- नियमित सर्विसिंग करवाएं।
- टायर प्रेशर चेक रखें।
- ड्राइविंग स्टाइल पर ध्यान दें (आक्रामक ड्राइविंग माइलेज और घटाती है)।
- जरूरत पड़ने पर कुछ रबर पार्ट्स या गास्केट चेंज करवाएं।
मंत्रालय का कहना है कि E20 को लॉन्च करने से पहले इंजन ड्यूरेबिलिटी, मटेरियल कंपैटिबिलिटी, ड्राइवेबिलिटी और एमिशन पर सालों की टेस्टिंग हुई।
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