बॉलीवुड के कई प्रमुख सितारे फेयरनेस क्रीम और त्वचा की रंगत को बढ़ाने वाली उत्पादों के विज्ञापन करने से मना कर चुके हैं। इनमें कंगना रनौत और रणदीप हुड्डा जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। ये सेलेब्स अपने विचारों और मान्यताओं के अनुसार, त्वचा की रंगत को लेकर समाज की सोच को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सेलेब्स की राय:
- कंगना रनौत:
- कंगना रनौत ने साफ तौर पर कहा है कि वे फेयरनेस क्रीम के विज्ञापनों का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं क्योंकि वे मानती हैं कि त्वचा की रंगत पर जोर देना एक अस्वस्थ मान्यता है।
- कंगना का मानना है कि सुंदरता किसी की त्वचा की रंगत पर निर्भर नहीं करती, और वे ऐसे उत्पादों की प्रोमोटर नहीं बनना चाहतीं जो इस मान्यता को बढ़ावा दें।
- रणदीप हुड्डा:
- रणदीप हुड्डा ने भी फेयरनेस क्रीम के विज्ञापनों से दूर रहने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि वे ऐसे उत्पादों का प्रचार नहीं करना चाहते जो समाज में रंग भेद को प्रोत्साहित करते हैं।
- रणदीप का मानना है कि हर व्यक्ति की त्वचा की रंगत खास होती है और उसे स्वीकार करना चाहिए, न कि उसे बदलने की कोशिश करनी चाहिए।
सामाजिक संदेश:
- ये सेलेब्स फेयरनेस क्रीम के विज्ञापनों से परहेज करके समाज में एक सकारात्मक संदेश फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि सुंदरता का मापदंड केवल त्वचा की रंगत से नहीं होना चाहिए।
- वे समाज को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि हर त्वचा की रंगत की अपनी खासियत है और इसे बदलने की जरूरत नहीं है।

