कंगना रनौत की बहुप्रतीक्षित फिल्म “इमरजेंसी” को लेकर सेंसर बोर्ड और फिल्म के निर्माताओं के बीच विवाद जारी है। फिल्म में कुछ विवादास्पद दृश्य और संवाद हैं, जिनके कारण सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कुछ हिस्सों में कट लगाने की मांग की है।
सेंसर बोर्ड का स्टैंड:
सेंसर बोर्ड ने फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद यह स्पष्ट किया है कि कुछ दृश्यों को संशोधित करना आवश्यक है। बोर्ड का मानना है कि ये दृश्य राजनीतिक और सामाजिक संवेदनाओं को आहत कर सकते हैं। इसके चलते, फिल्म की रिलीज में देरी हो रही है।
मेकर्स की प्रतिक्रिया:
फिल्म के मेकर्स ने अब हाई कोर्ट से वक्त मांगा है, ताकि वे सेंसर बोर्ड के सुझावों पर विचार कर सकें और फिल्म में आवश्यक बदलाव कर सकें। उनका कहना है कि वे किसी भी तरह से सेंसर बोर्ड की बातों की अनदेखी नहीं करना चाहते, बल्कि वे इसे बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
फिल्म का विषय:
“इमरजेंसी” में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान की घटनाओं को दर्शाया गया है, जिसमें राजनीतिक संघर्ष और संकट को दिखाया गया है। फिल्म को लेकर कंगना का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है और इसे सही तरीके से पेश करना आवश्यक है।
अदालत की संभावित भूमिका:
अगर हाई कोर्ट में मामला पहुंचता है, तो न्यायालय के सामने यह तय करना होगा कि सेंसर बोर्ड के आदेशों का पालन किया जाए या फिर निर्माताओं को फिल्म में उनकी इच्छानुसार बदलाव करने की स्वतंत्रता दी जाए।

