तिरुपति लड्डू विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन करने का आदेश दिया है। यह फैसला मंदिर के प्रसाद वितरण में हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते लिया गया है।
SIT का गठन:
- टीम की संरचना:
- इस विशेष जांच टीम में कुल पाँच अधिकारी शामिल होंगे:
- दो अधिकारी सीबीआई के: ये अधिकारी मामले की गहन जांच करेंगे और आरोपों की सत्यता की पुष्टि करेंगे।
- दो अधिकारी राज्य सरकार के: राज्य सरकार के प्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर जांच में सहायता करेंगे और प्रशासनिक पहलुओं का ध्यान रखेंगे।
- एक अधिकारी FSSAI से: यह अधिकारी खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) का प्रतिनिधित्व करेगा, जो प्रसाद की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करेगा।
- इस विशेष जांच टीम में कुल पाँच अधिकारी शामिल होंगे:
विवाद का पृष्ठभूमि:
- अनियमितताओं के आरोप:
- तिरुपति मंदिर में लड्डू के प्रसाद के वितरण में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें आई थीं। श्रद्धालुओं का आरोप था कि कुछ लड्डू बाजार में अवैध रूप से बेचे जा रहे थे, जिससे धार्मिक अनुशासन प्रभावित हो रहा था।
महत्व:
- सुप्रीम कोर्ट का यह कदम तिरुपति लड्डू विवाद की गंभीरता को दर्शाता है। इस जांच टीम का गठन न केवल मामले की पारदर्शिता को सुनिश्चित करेगा, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास को भी पुनः स्थापित करेगा।
आगे की कार्रवाई:
- SIT अब जल्द ही अपनी जांच शुरू करेगी और इस मामले में उचित कार्रवाई करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उम्मीद है कि जांच के परिणामस्वरूप तिरुपति मंदिर के प्रसाद वितरण प्रणाली में सुधार होगा।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से तिरुपति मंदिर के प्रसाद वितरण में सुधार की संभावना है, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास फिर से स्थापित होगा।

