उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा की और नियमों के अनुसार प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के गुणवत्तापूर्ण प्रदाय के लिए चिकित्सकीय मैनपॉवर का मनोबल और उत्साहवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियोलॉजिस्ट सेवा प्रदाय की करें व्यवस्था उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आईपीएचएस मानकों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिये।
प्रशासनिक औपचारिकताओं की पूर्ति में कमी से प्रक्रिया में व्यवधान नहीं आये यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने और मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में सुधार के उद्देश्य से सोनोलॉजिस्ट की उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोनोलॉजिस्ट (रेडियोग्राफर) की सेवा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए तकनीकी समस्याओं का निदान कर प्रक्रिया पूर्ण की जाये।
स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का करें उपयोग उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने डिजिटल हस्तक्षेपों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के कुशल प्रबंधन के लिए एचआरएमएस और एचएमआईएस के त्वरित क्रियान्वयन के लिये आवश्यक कार्यवाही करने को भी कहा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी उपस्थित थे।

