ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों ने बैठक कर एहतियाती उपायों की समीक्षा की। मौसम विभाग ने बताया है कि चक्रवात के लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जो शुक्रवार तक जारी रहेगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मौसम विभाग के मुताबिक तट से टकराने की प्रक्रिया चार से पांच घंटे तक चल सकती है।ओडिशा में तेज बारिश और हवाओं के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में ओडिशा के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बाढ़ आने का खतरा है। जिन जिलों में अचानक बाढ़ आने की आशंका है, उनमें अंगुल, बालासोर, बौध, भद्रक, कटक, ढेंकनाल, गजपति, गंजम, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कंधमाल, क्योंझर, खुर्दा, मयूरभंज, नयागढ़ और पुरी शामिल हैं।
लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
तूफान ‘दाना’ के दस्तक देने की आशंका के चलते ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अधिकारियों ने लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इसके साथ ही स्कूलों को बंद कर दिया गया है, 400 से ज्यादा रेलगाड़ियों को रद्द और उड़ानों को सस्पेंड कर दिया गया है।
शुक्रवार तड़के ओडिशा के भितरकनिका नेशनल पार्क और धामरा बंदरगाह के बीच तट से टकराने वाले इस तूफान में हवा की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
आश्रय केंद्रों में भोजन, पीने का पानी, बच्चों से जुड़े सामान और महिला पुलिस अधिकारियों सहित आवश्यक सामान उपलब्ध हैं। अधिकारी ने बताया कि कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए हैं।
प्रशासनिक अमला पूरी तरह से अलर्ट
चक्रवात ‘दाना’ को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इंडियन कोस्ट गार्ड को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है और वह हालात पर बारीकी से नजर रख रहा है।
ICG ने चक्रवात के प्रभाव से उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी सुनिश्चित करने को लेकर सक्रिय कदम उठाए हैं।
अनुमान के मुताबिक लैंडफॉल के समय समुद्र में सामान्य से 2 मीटर ऊंची लहरें उठेंगी। बताया जा रहा है कि साल 2021 में आए चक्रवाती तूफान ‘यास’ की तरह ही ‘दाना’ का भी प्रभाव होगा।

