भीख मांगने वाले बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया जाएगा। टास्क फोर्स के द्वारा बच्चों समेत उनके माता-पिता की काउंसलिंग कर उनका स्कूलों में दाखिला करवाया जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मंडी जिला में अब भीख मांगने वाले हाथ कलम थामेंगे। जिला स्ट्रीट सिचुएशन यानी सड़क व गली में रहकर कार्य करने और भीख मांगने वाले बच्चों से मुक्त होगा।
इसके लिए जिला में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टास्क फोर्स ने सुंदरनगर बस स्टैंड समेत जिला में आठ स्थान चिह्नित किए हैं।
भीख मांगने वाले बच्चों का स्कूल में कराया जाएगा दाखिला
टास्क फोर्स प्रत्येक माह की 23 तारीख को इन चिह्नित स्थानों पर निरीक्षण करेगी। बच्चों समेत उनके माता-पिता की काउंसलिंग कर उनका स्कूलों में दाखिला करवाया जाएगा। इससे बाल भिक्षावृत्ति पर भी अंकुश लगेगा।
जागरूकता फैलाने के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान
देश में स्ट्रीट सिचुएशन में रह रहे बच्चों के लिए इस साल अक्टूबर से सितंबर 2025 तक विशेष जागरूकता व रेस्क्यू अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत जिला में भी टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
इसमें जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, श्रम एवं रोजगार विभाग, स्थानीय पंचायत, शहरी निकाय प्रतिनिधि, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई व चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य को शामिल किया गया है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी एनआर ठाकुर ने कहा कि मंडी जिला में सड़क व गली में रहकर कार्य करने और भीख मांगने वाले बच्चे न के बराबर हैं लेकिन झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे अन्य राज्यों के बच्चों की बाल भिक्षावृत्ति की शिकायतें अकसर सुनने को मिलती हैं।
भिक्षावृत्ति न कराने का आग्रह
इसलिए भीख मांगने वाले बच्चों का स्कूलों में पंजीकरण करवाना आवश्यक है। पिछले दिनों सुंदरनगर बस स्टैंड व आंबेडकर नगर में टास्क फोर्स की टीम ने विशेष जागरूकता अभियान चलाया।
झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों से भिक्षावृत्ति न करवाने का उनके माता-पिता से आग्रह किया गया। यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी बच्चे स्कूल जाकर पढ़ाई हर हाल में जारी रखें।

