मध्य प्रदेश में सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर सरकार के नए दिशा-निर्देश
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक नया निर्देश जारी करते हुए राज्य के स्कूलों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देने को कहा है। इसमें विशेष रूप से क्रिसमस कार्यक्रमों के संदर्भ में कहा गया है कि किसी भी प्रकार की धार्मिक या सांस्कृतिक गतिविधि, जैसे कि “सांता क्लॉज” का रोल निभाना या किसी प्रतीक का उपयोग करना, स्कूल प्रशासन की अनुमति के बिना न किया जाए।
नए निर्देशों की आवश्यकता क्यों?
सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों की संस्कृति और सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्देश किसी एक विशेष त्योहार के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। राज्य शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में किसी भी सांस्कृतिक गतिविधि को आयोजित करने से पहले प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य है।
स्कूलों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
सरकार के इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। कुछ स्कूलों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है, क्योंकि इससे स्कूलों में समानता और समावेशी माहौल को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, कुछ शिक्षकों और अभिभावकों ने इसे अतिरिक्त प्रक्रिया करार दिया है।
भोपाल के एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा:
“हम सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करते हैं। यह निर्देश सुनिश्चित करता है कि कोई भी कार्यक्रम बिना अनुमति और प्रशासन की जानकारी के न हो।”
वहीं, एक अभिभावक ने कहा:
“बच्चों की खुशी को देखते हुए सांता क्लॉज जैसी गतिविधियाँ सकारात्मक होती हैं। इन पर ज्यादा नियंत्रण ठीक नहीं है।”
क्या कहता है शिक्षा विभाग?
राज्य शिक्षा विभाग ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह निर्देश किसी भी त्योहार विशेष पर रोक लगाने के उद्देश्य से जारी नहीं किया गया है। स्कूलों को स्वतंत्रता है कि वे अपने कार्यक्रमों का आयोजन करें, परंतु कार्यक्रमों में बच्चों की सुरक्षा और किसी भी विवाद से बचने के लिए अनुमति लेना जरूरी होगा।
अभिनव दृष्टिकोण की जरूरत
इस तरह के निर्देश सरकार के प्रशासनिक उद्देश्यों का हिस्सा हैं, लेकिन इनका क्रियान्वयन समावेशी और संतुलित तरीके से होना चाहिए। बच्चों के लिए त्योहारों की गतिविधियाँ मनोरंजन का साधन हैं और उनके सर्वांगीण विकास में मददगार साबित होती हैं।
निष्कर्ष
सरकार का यह नया निर्देश स्कूलों में प्रशासनिक पारदर्शिता और सांस्कृतिक गतिविधियों में बेहतर प्रबंधन के लिए कारगर हो सकता है। हालाँकि, इसके क्रियान्वयन में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि बच्चों की रचनात्मकता और आनंद पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

