उच्च सदन यानी कि राज्यसभा की आज की कार्यवाही की शुरुआत राणा सांगा को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंक झोंक के साथ हुई। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन में मर्यादित आचरण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राणा सांगा एक वीर योद्धा थे। उन्होंने युद्ध में अपना एक हांथ गवा दिया था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि राणा सांगा पर दिया गया वक्तव्य खेदजनक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी को भी देश के हीरो का अपमान करने का हक नहीं है।
वहीं केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस विषय पर कहा कि जो विषय हैं उसके दो पहलू हैं। रामजीलाल सुमन ने अमर्यादित बोल बोले हैं। पहले तो बोला फिर उसको दोहराया। उन्होंने देश को बांटनेवाली बात कही है।
भाजपा के वरिष्ठ सांसद राधा मोहन ने कहा कि रामजीलाल सुमन ने जो भी कहा, वह सोच-समझकर कहा और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के राणा सांगा पर दिए गए बयान पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि राणा सांगा स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक थे और महाराणा प्रताप उनके प्रेरणा स्रोत थे। उनका इस तरह से अपमान करना गलत है।