भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 21 मार्च, 2025 को समाप्त हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.5 अरब डॉलर बढ़कर 659 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया। यह चार महीने का उच्चतम स्तर है, जिससे रुपये को भी मजबूती मिली है।
समीक्षा अवधि के दौरान, गोल्ड रिजर्व में 2.8 अरब डॉलर की वृद्धि देखी गई, जो अब 77 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। वहीं, फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में मामूली गिरावट देखने को मिली, जो 1.6 अरब डॉलर बढ़कर 558.8 अरब डॉलर तक पहुंच गई।
इससे पहले, 14 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 654 अरब डॉलर के स्तर पर था। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि देखी गई है। पिछले साल सितंबर में विदेशी मुद्रा भंडार अपने सर्वोच्च स्तर 705 अरब डॉलर तक पहुंच गया था।
विदेशी मुद्रा भंडार में हालिया वृद्धि देश की मजबूत अर्थव्यवस्था को दर्शाती है, और इससे भारतीय रिजर्व बैंक को रुपये में अस्थिरता के समय उसे स्थिर करने के लिए पर्याप्त स्थान मिलता है।
