अयोध्या में प्रेम, एकता और सौहार्द का संदेश बिखेरता है। हर पंथ, वर्ग और संप्रदाय के साथ ही जातीय आधार पर अयोध्या में स्थापित मंदिरों का प्रतिनिधित्व और उसकी झांकी लोगों का मन मोह रही थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!साधु-संतों ने प्रतिवर्ष की भांति नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर रामकोट की चतुर्दिक परिक्रमा करके सनातन धर्म में निहित मानवता का संदेश दिया। भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे वर्ष निकली राम कोट परिक्रमा अतिशय उत्साह से लबरेज रही।
विक्रमादित्य महोत्सव और श्री राम जन्मोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में आज मातगेंड़ मंदिर में विग्रहों का पूजन करने के बाद बाजे-गाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ रामकोट की परिक्रमा प्रारंभ हुई। संपूर्ण अयोध्या राममय हो गई और परिक्रमा को देखने के लिए आम जनमानस सड़कों पर उमड़ पड़ा।

