वन विभाग द्वारा जानकारी दी गयी कि सामान्य तौर पर निगरानी टीम को निर्देश दिये गये हैं कि जब भी ऐसी स्थिति उत्पन्न हो तो चीता को जंगल की ओर वापस मोड़ने एवं लुभाने के प्रयास किये जायें, जिससे मानव-चीता संघर्ष की स्थिति न बने।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!साथ ही जब भी चीता कृषि क्षेत्र में या मानव बस्ती के करीब जाता है, ऐसी स्थिति में संबंधित रेंज से अतिरिक्त स्टाफ बुलाया जाता है। इस प्रकरण में भी आगरा रेंज से अतिरिक्त फील्ड स्टाफ बुलाया गया था। वन विभाग की ड्यूटी के लिये आगरा रेंज के कूनो डब्ल्यूएलडी में रखे गये वाहन चालक ने ज्वाला और उसके 4 शावकों को स्टील के कटोरे में पानी पिलाया,
जबकि ऐसी स्थिति में दूर रहने के स्पष्ट निर्देश हैं और निगरानी दल को चीतों को नजदीक से संभालने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। केवल अधिकृत कर्मचारी ही किसी विशेष कार्य के लिये चीते के नजदीक जा सकता है। इस घटना में फील्ड स्टाफ ने निर्देशों का उल्लंघन किया और अनुशासनहीनता दिखायी। साथ ही अनुशासन और निर्देश की अवहेलना करते हुए वीडियो बनाकर वायरल किया गया। इस कारण कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।