सना / न्यूयॉर्क, 17–18 अप्रैल 2025 – यमन के रास ईसा (Ras Isa) तेल बंदरगाह पर हुआ एक बड़े अमेरिकी हवाई हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने बताया कि कम से कम 38 लोग मारे गए और 102 घायल हुए। हुती स्वास्थ्य मंत्रालय और संबंधित मीडिया चैनलों ने इस हमले को “सबसे बड़ा हमला” बताया, जिसमें नागरिकों व कार्यकर्ताओं पर भारी तबाही ।
🔍 घटना का विवरण
- अमेरिकी सेन्ट्रल कमांड ने हवाई हमले को हुती विद्रोहियों के ईंधन व राजस्व स्रोत (तेल बंदरगाह) पर हमला बताया, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके ।
-इस हमले में गैर-लड़ाकू कर्मचारी, तेल कंपनियों के चालक और स्वास्थ्यकर्मी भी घायल हुए — हुती मीडिया के मुताबिक, पांच पैरामेडिक्स भी मारे गए । - हुती अधिकारियों ने हमले की “गंभीर मानवयता-उल्लंघन” आलोचना करते हुए कहा कि यह यमनी नागरिकों के मनोबल को नहीं तोड़ सकेगा, बल्कि उन्हें और दृढ़ बना देगा ।
🛢️ रणनीतिक पृष्ठभूमि
- यह हमला “ऑपरेशन रफ राइडर” (Operation Rough Rider) के तहत हुआ, जो मार्च 2025 से जारी अमेरिकी–ब्रिटिश अभियान का हिस्सा है ।
- अभियान की शुरुआत मध्य मार्च 2025 में हुई थी, जिसका लक्ष्य था रेड सी में हुती ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकना, जो कि बाजार-जहाज़ों को निशाना बना रहे थे ।
📊 घाटों की तुलना
- हुती समूह ने 17–18 अप्रैल को रास ईसा बंदरगाह के हमले में 74 तक मौतें और 171 घायल होने का दावा भी किया था, कुछ प्रारंभिक रिपोर्टों में ये आंकड़े अधिक बताए गए ।
- दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने हमले को हिंसात्मक नहीं, बल्कि आर्थिक संरचना को ध्वस्त करने का उद्देश्य बताया ।
🌍 स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
- हूती नेताओं ने उसे यमन की संप्रभुता का उल्लंघन क़रार देते हुए भारी मनोवैज्ञानिक वार बताया ।
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेर्रेस ने इस क्षेत्र में युद्धविराम और मानवीय संकट पर चिंता व्यक्त की ।
- ईरान, हुती विद्रोहियों का प्रमुख समर्थक, ने हमला अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए निंदा की।
- कुछ विश्लेषकों ने समझाया कि अमेरिकी हमले ने हुतियों की आर्थिक धारा को निशाना बनाया लेकिन इससे नागरिकों पर भी भारी प्रभाव पड़ा, जिससे देश में मानवीय संकट गहराने का खतरा भी बढ़ गया ।

