नई दिल्ली, 17 अप्रैल 2025 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम नई दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग कार्यालय में उच्च‑स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें यमुना नदी की सफ़ाई, पुनर्जीवन तथा दिल्ली में पेयजल आपूर्ति के प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!✅ बैठक में कौन‑कौन शामिल थे?
इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल‑शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी. के. मिश्रा, सचिव (द्वितीय) शक्ति कान्त दास और अतिरिक्त सचिव अतिश चंद्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे ।
🎯 एजेंसी‑वार कार्ययोजना का विश्लेषण
पर्याप्त श्रेणियों में विभाजित योजना तैयार की गई:
- अल्प‑कालिक (0–3 महीने): मुख्य ड्रेन जैसे बरापुल्ला, शाहदरा और नजफगढ़ के उपचार पर त्वरित कार्य।
- मध्य‑कालिक (3 महीने–1.5 वर्ष): सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता व पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार।
- दीर्घ‑कालिक (1.5–3 वर्ष): नदी के प्रवाह निर्धारण, बाढ़‑क्षेत्र संरक्षण और ग्रीन रिवरफ्रंट विकास।
प्रधानमंत्री ने समय‑समय पर प्रदूषण की निगरानी हेतु मध्यम‑स्तरीय निगरानी तंत्र स्थापित करने, उन्नत तकनीक तथा स्पेस‑टेकि का उपयोग सुनिश्चित करने पर भी बल दिया ।
💧 दिल्ली का जल‑संरक्षण व पेयजल योजनाएँ
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुआई में दिल्ली सरकार द्वारा 27 डिसेंट्रलाइज़्ड STP लगाने की योजना को स्वीकृति दी गई। इन पर ₹3,140 करोड़ खर्च किए जायेंगे और कार्यों की समय‑सीमा 18 महीने निर्धारित की गई ।
- बरापुल्ला, शाहदरा व नजफगढ़ ड्रेन पर इंटरसेप्टर सीवर्स बिछाए जाने और जल रिसाव तथा गैर‑राजस्व पानी की रोकथाम पर जोर दिया गया।
साथ ही दिल्ली जल बोर्ड (DJB) में नियुक्तियों को पूर्ण करके जल वितरण तथा पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत पर भी चर्चा की गई ।
🏙️ शहरी नदी प्रबंधन व नागरिक सहभागिता
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दिल्ली के मास्टर प्लान के अंतर्गत एक Urban River Management Plan तैयार किया जाएगा, जिसमें शहरी विकास व जल संसाधन का समन्वय सुनिश्चित होगा।
इसके साथ ही ब्रज क्षेत्र को ‘जन‑भागीदारी अभियान’ से जोड़कर राष्ट्रीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक त्योहारों के दौरान नदी‑तट पर साफ‑सफाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया । प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से छठ पूजा के दौरान जल‑समारोह की सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया ।
🔍 समीक्षा और आगे के कदम
इसके पूर्व दिल्ली के मास्टर प्लान 2021 के अंतर्गत ‘यमुना मास्टर प्लान’ को तेजी दी जा रही है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2027 तक नदी का पूर्ण कायाकल्प है।
हालाँकि मई 2025 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण स्तर अपेक्षित रूप से कम नहीं हुआ है, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन, तकनीकी क्षमता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता स्पष्ट होती है ।
📝 निष्कर्ष
प्रधानमंत्री की इस बैठक ने यमुना सफ़ाई को दिल्ली की जीवन‑रेखा के तहत प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। तकनीकी निगरानी, नागरिक सहभागिता, शहरी नियोजन और कड़े समय‑बद्ध कार्य‑योजना के साथ सरकार ने इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने का संदेश दिया है।
अब मुख्य चुनौती यह रहेगी कि क्या अल्प‑, मध्य‑ और दीर्घ‑कालिक योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू हो पाती हैं, और प्रदूषण में वास्तविक सुधार लाए जाती है।

