जम्मू-कश्मीर, 19 अप्रैल 2025 – दोपहर लगभग 12:20 बजे जम्मू–कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह झटका अफगानिस्तान–ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में रिक्टर पैमाने पर 5.8–5.9 तीव्रता वाले भूकंप के कारण आया था, जिसकी जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने दी ।
🔍 भूकंप का वैज्ञानिक विवरण
- भूकंप की तीव्रता: लगभग 5.8–5.9 रिक्टर स्केल पर, जो एक मिड-मैग्नीट्यूड भूकंप मानी जाती है ।
- केंद्र बिंदु: अफगानिस्तान–ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र के अंदर, लगभग 86–130 किमी गहराई पर ।
- झटके मॉनिटरिंग: रिक्टर 5.8 की तीव्रता वाले इस भूकंप ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत–विशेष रूप से जम्मू–कश्मीर और दिल्ली–एनसीआर में हल्का कंपन महसूस कराया।
💢 जम्मू–कश्मीर में अनुभव
- श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में कुछ सेकंड की तीव्र झटके महसूस की गईं, जिससे कई लोग घरों व इमारतों से बाहर निकल आए ।
- जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने कहा कि अब तक किसी व्यक्ति की मौत या ठोस संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है ।
🛡️ क्षेत्रीय भूकंपीय संवेदनशीलता
- जम्मू-कश्मीर और उत्तर भारत का हिमालयी क्षेत्र भूगर्भीय रूप से संवेदनशील माना जाता है, जहाँ अक्सर मध्यम से तेज झटके आते रहते हैं ।
- पिछले समर: जून 2023 में डोडा–किश्तवाड़ में 5.0 से 5.4 तीव्रता वाले झटके दर्ज हुए थे, लेकिन उनमें भी बड़े नुकसान की सूचना नहीं थी ।
🚨 प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय
- स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से शांतिपूर्ण रहने और सुरक्षित स्थानों पर हस्तांतरित होने की अपील की है ।
- स्थानीय आपदा प्रबंधन और भूकंपीय निगरानी एजेंसियों ने क्षेत्र में सतत निगरानी तेज़ कर दी है।
📝 निष्कर्ष
दोपहर में महसूस किए गए हल्के भूकंप के झटके जम्मू–कश्मीर की भूकंपीय संवेदनशीलता को फिर दर्शाते हैं। इस बार रिक्टर 5.8–5.9 की तीव्रता होने के बावजूद, किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है। यह स्थिति इस बात पर बल देती है कि लगातार जागरूकता, आपदा प्रबंधन और भूकंपीय तैयारी जरूरी बनी हुई है।

