पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद और अन्य इलाकों में राजनीतिक हिंसा भड़क गई

पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद और अन्य इलाकों में राजनीतिक हिंसा भड़क गई


कोलकाता/मुर्शिदाबाद, अप्रैल 2025: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले समेत कुछ इलाकों में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में हुई हिंसा ने हालात तनावपूर्ण बना दिए हैं। स्कूलों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में तोड़फोड़, आगजनी और पथराव की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को हिला दिया।


🔥 हिंसा का कारण और विस्तार

  • वक्फ अधिनियम में बदलाव के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों में तब्दील हुआ आंदोलन, जिसमें पहले शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद हिंसक झड़पें शुरू हुईं ।
  • ज़िला मुख्यालय शमशेरगंज, जाफराबाद और सुती जैसे इलाकों में वाहनों में आग लगाई गई, राष्ट्रीय राजमार्ग-12 अवरुद्ध किया गया, पुलिस को पथराव और लाठीचार्ज करना पड़ा ।
  • सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा, दुकानों और घरों में हुई तोड़फोड़ से सैकड़ों लोग विस्थापित हुए ।

📌 हताहत और गिरफ्तारियां

  • मलबे में अप्रकाशित आंकड़ों के अनुसार कम से कम 3 लोगों की मौत, करीब 10 घायल और 300 से अधिक गिरफ्तारियां दर्ज हुईं ।
  • इंटरनेट सेवा जंगिपुर-सुती इलाकों में अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, और धारा 144 लगाकर भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई ।

🧑‍✈️ अधिकारियों की कार्रवाई और जांच

  • पश्चिम बंगाल पुलिस ने घटनाओं की विस्तृत जांच के लिए नौ सदस्यीय SIT गठित किया है, जिसमें पुलिस इंजेलिजेंस, CID और CISF के अधिकारी शामिल हैं ।
  • राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की चेयरपर्सन विजय रहतकर ने महिलाओं पर हुई हिंसा को आत्मसात किया और प्रभावित इलाकों का दौरा कर खुदाई जांच शुरू की ।

🏛️ विधानसभा में तीखी बहस

  • पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP विधायकों ने हिंसा पर सदन में चर्चा की मांग की, लेकिन स्पीकर बिमन बनर्जी ने इसे निचले मंच पर विचाराधीन (sub judice) बताते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव खारिज कर दिया ।
  • इसके विरोध में BJP विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया और राजभवन तक मार्च निकाला, जिसे TMC ने “दृश्यमान राजनीति” कहकर खारिज किया ।

🗳️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

  • भाजपा ने घटना को “कम्युनल हिंसा” करार दिया और कहा कि ममता सरकार विफल रही, और यह अगले विधानसभा चुनावों (2026) पर गहरा असर डालेगी ।
  • TMC सरकार ने आरोपों से इंकार किया, कहा कि प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं, और मुद्दे को अधिक आयाम दिए जाने का विरोध किया।

🌐 प्रभाव और स्थिति

  • बीएसएफ सहित अन्य केंद्रीय बलों को तैनात कर शांति बहाल करने की कोशिश की गई।
  • हिंसा के कारण लगभग 87 परिवारों को विस्थापित होना पड़ा और 420 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया
  • सरकारी और गैर‑सरकारी राहत शिविरों में प्रभावितों को सुरक्षित ठिकाना, भोजन और चिकित्सा सेवा दी जा रही है।