जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित बाइसरन घाटी, जो ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ के नाम से जानी जाती है, एक भीषण आतंकी हमले से दहल उठी। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्रारंभिक जांच में पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) की संलिप्तता सामने आ रही है।
📍 घटना का विवरण:
यह हमला उस समय हुआ जब बाइसरन घाटी में बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग छुट्टियां मना रहे थे। आतंकियों ने अचानक घात लगाकर हमला बोला और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मारे गए लोगों में पर्यटक, स्थानीय गाइड और तीन सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पहाड़ी जंगल की ओर से आए और बर्फ से ढंकी ढलानों के बीच से गोलीबारी शुरू की। आतंकवादियों ने घटनास्थल से भागने से पहले कम से कम 10 मिनट तक गोलियां बरसाईं।
🔎 जांच और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया:
- जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना ने संयुक्त रूप से तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया है।
- एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने भी इस हमले की जांच अपने हाथ में ले ली है।
- प्रारंभिक साक्ष्यों में TRF का नाम सामने आया है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक छद्म संगठन है। माना जा रहा है कि हमलावरों को सीमा पार से निर्देश मिले थे।
🛑 सुरक्षा बलों की कार्रवाई:
- घटना के 24 घंटे के भीतर जम्मू, अनंतनाग और कठुआ में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं।
- पुलिस ने अब तक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
- एलओसी पर सेना की गश्त बढ़ा दी गई है और हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
📣 राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर घटना की निंदा की और शोक व्यक्त करते हुए कहा,
“इस कायरतापूर्ण हमले को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जम्मू-कश्मीर में शांति की कोशिशों को हम इस तरह की हिंसा से डिगने नहीं देंगे।”
गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के डीजीपी और सेना प्रमुख से स्थिति का जायज़ा लिया और ‘सख्त कार्रवाई’ के निर्देश दिए।
🙏 स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश:
बाइसरन के स्थानीय लोगों में इस हमले को लेकर जबरदस्त रोष है। कई लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और सख्त करने की मांग की है।
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि इस हमले से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लग सकता है।
🔚 निष्कर्ष:
बाइसरन घाटी में हुआ यह आतंकी हमला न केवल एक मानवीय त्रासदी है, बल्कि यह सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक बड़ा प्रश्न भी खड़ा करता है। TRF की भूमिका की पुष्टि होने पर यह पाकिस्तान की नापाक मंशा का और एक प्रमाण होगा। अब देश को इंतजार है — आतंक के इन सौदागरों के खिलाफ कठोर और निर्णायक जवाब का।

