IAF का ‘आक्रमण’ अभ्यास जारी: राफेल और सुखोई दल ने दिखाया शक्ति प्रदर्शन

IAF का ‘आक्रमण’ अभ्यास जारी: राफेल और सुखोई दल ने दिखाया शक्ति प्रदर्शन


आईएएफ ने भारत‑पाकिस्तान सीमा पर जारी तनाव के बीच ‘आक्रमण’ (Aakraman) नामक उच्चसंवेदनशील अभ्यास को सफलतापूर्वक जारी रखा। इस अभ्यास में राफेल एवं सुखोई Su‑30MKI दल समेत विभिन्न फाइटर स्क्वाड्रन सम्मिलित हैं, जो जमीनी हमले, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और वायु श्रेष्ठता जैसी रणनीतिक क्षमताओं का अभ्यास करते हैं ।


✈️ अभ्यास का स्वरूप और उद्देश्य:

  1. बहु-क्षेत्रीय संचालन
    • राफेल विमानें अंबाला एवं हाशिमारा से वायु आक्रमण और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध अभियानों में लगी हैं। सुखोई दल विभिन्न स्थानों से भाग ले रहा है, जिससे पूरे देशव्यापी तैनाती को परखा जा सके ।
  2. जटिल मिशन और वास्तविक परिदृश्य
    • ग्राउंड स्ट्राइक संचालन, इलेक्ट्रॉनिक जामिंग और उन्नत मिसाइल प्रणालियों का प्रयोग कर वास्तविक युद्ध जैसी स्थिति का सृजन किया गया है। अभ्यास में Meteor BVRAAM, Rampage, और Rocks जैसी मिसाइलों का उपयोग शामिल है ।
  3. ऐक्रिल परिचालन क्षमता
    • वायुसेना ने विभिन्न एयरबेसों से विमानों को परिचालित कर इंटर-थिएटर शिफ्ट और ऑपरेशनल लचीलापन दिखाया है ।

⚠️ रणनीतिक संदर्भ:

  • यह अभ्यास 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तनाव की पृष्ठभूमि में चल रहा है। इसकी वजह से भारत की अभिसैंना क्षमता, बलों की समायोजन और उच्च तात्कालिकता की जाँच पर विशेष ध्यान है ।
  • NOTAM के तहत रोहिणी क्षेत्र और केंद्र के कुछ एयरस्पेस को आरक्षित रखा गया, जिससे अभ्यास के दौरान खोली गई स्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित हुई ।

🧠 विशेषज्ञों की राय:

  • रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, ‘आक्रमण’ अभ्यास से IAF की आक्रामक रणनीति और कोर सिद्धांत स्पष्ट हुए हैं।
  • वरिष्ठ सैन्य विशेषज्ञों ने बताया कि यह अभ्यास 2019 के पुलवामा के बाद इंडो-पाक सीमा पर अग्रगामी क्षमता स्थापित करने के दृष्टिकोण को जारी रखता है।

🚁 भविष्य की तैयारी:

  • अगले सप्ताह (7–8 मई) भी पश्चिमी सीमा पर एक और अभ्यास होने वाला है, जिसमें राफेल, सुखोई, मिराज‑2000 और जेनरिक विमानों का समावेश होगा—राष्ट्रीय तत्परता में वृद्धि और इंटीग्रेटेड तैयारियों का हिस्सा ।
  • साथ ही सरकारी गृह विभाग द्वारा 259 जिलों में नागरिक रक्षा मॉक‑ड्रिल्स आयोजित किए जाएंगे, जिससे आपदा‑प्रबंधन और जनसुरक्षा प्रक्रियाओं का परीक्षण होगा ।

✅ निष्कर्ष:

‘आक्रमण’ अभ्यास से यह स्पष्ट हो गया है कि आईएएफ उच्च मानसिकता और तकनीकी क्षमता के साथ सीमा पर नियंत्रण कायम रखने के लिए तत्पर है। राफेल और सुखोई जैसे आधुनिक विमान समूहों के माध्यम से यह अभ्यास एक मजबूत संदेश देता है कि भारत किसी भी स्थिति में निर्णायक प्रतिक्रिया और आक्रामक क्षमता बना कर रखता है।

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