जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। इसी कड़ी में भारत सरकार ने पाकिस्तान नागरिकों के वीज़ा रद्द करने का कदम उठाया। केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने अल्पकालिक वीज़ा पर महाराष्ट्र में रह रहे 55 पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक देश छोड़ने का आदेश दिया है ।
🗓️ कौन-कहाँ हैं?
अधिकारिक जानकारी के अनुसार:
- नागपुर में – 18 पाकिस्तानी,
- ठाणे शहर में – 19,
- जलगाँव में – 12,
- पुणे शहर में – 3,
- नवी मुंबई, मुंबई और रायगढ़ में – 1-1 व्यक्ति ।
नासिक में 6 पाकिस्तानी महिलाएं हैं लेकिन उन्हें अभी तक डिपोर्टेशन संबंधी ऑफिसियल नोटिस नहीं मिला ।
🚔 राज्य सरकार की कार्रवाई
- राज्य गृह विभाग ने स्थानीय पुलिस कमिश्नरों और SPs को निर्देशित किया कि सभी का पंजीकरण, ट्रैकिंग और 27 अप्रैल तक सुनिश्चित निकासी सुनिश्चित की जाए ।
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से कहा कि “राज्य में मौजूद सभी पाकिस्तानियों की सूची तैयार है और जो वीज़ा निरस्त हैं, उन्हें निकलने को कहा गया है; यदि कोई समय पर नहीं निकला तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी” ।
📊 राज्य में पाकिस्तानी आबादी की स्थिति
- महाराष्ट्र में कुल लगभग 5,037 पाकिस्तानी नागरिक रहते हैं, जिनमें से:
- 55 अल्पकालिक वीज़ाधारी हैं (जिन्हें डिपोर्ट करना है),
- 200 से अधिक लंबे समय या राजनयिक वीज़ा पर हैं, जिनका प्रवास वैध है,
- 107 के लोकेशन नहीं मिल पा रही है — उन पर शिकंजा कसा जा रहा है ।
- नागपुर में करीब 2,458 पाकिस्तानी हैं, और ठाणे में लगभग 1,106 हैं। मुंबई—विशेष रूप से — 14 अल्पकालिक वीज़ाधारी हैं ।
🌐 देशव्यापी रूपरेखा
- गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने 22 अप्रैल को कहा कि सभी पाकिस्तानी अल्पकालिक वीज़ा रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें 27 अप्रैल तक भारत छोड़ना है, जबकि मेडिकल वीज़ा धारकों को 29 अप्रैल तक छूट दी गई है ।
- कई राज्य जैसे यूपी, एमपी, और ओडिशा ने भी इसी प्रक्रिया में पाकिस्तान नागरिकों की पहचान और रिमूवल के काम शुरू कर दिया है ।
📅 अगला कदम
- राज्य सरकार ने जल्दबाजी में 27 अप्रैल को यह अभियान पूरा करने की कड़ी आवश्यकता जताई है।
- पुलिस और FRRO टीम मिलकर ट्रैकिंग, पहचान और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
- यदि कोई नागरिक निर्धारित समय तक नहीं गया, तो उस पर स्थानीय कानून अनुसार कार्रवाई होगी, जैसे जमानत निरस्तीकरण, वीजा बैन और वसूली की प्रक्रिया।
🧭 विश्लेषण
- यह कदम भारत-पाकिस्तान संबंधों में आई ताज़ा गिरावट का संकेत है, विशेषतः पहलगाम हमले की प्रतिक्रिया में दिखे बढ़ते सुरक्षात्मक रुख को दर्शाता है।
- अल्पकालिक वीज़ा पर रहने वालों की शीघ्र पहचान और निष्कासन, लोक प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच कड़ी कार्यसमन्वय की मांग करता है।
- वहीं, लंबे समय से देश में रहने वाले राजनयिक और अन्य वैध वीज़ाधारी अब तक निश्चित रूप से unaffected हैं।

