गुजरात: देसा की अवैध फटाका फैक्ट्री में शक्तिशाली विस्फोट, 21 मृत, 6 घायल

गुजरात: देसा की अवैध फटाका फैक्ट्री में शक्तिशाली विस्फोट, 21 मृत, 6 घायल


देसा के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अवैध फटाका (फायरवर्क्स) फैक्ट्री में आज सुबह लगभग 9:45 बजे एक जोरदार धमाका हुआ, जिसमें 21 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और कई लोग ज़ख्मी हो गए। फैक्ट्री का नाम “दीपक फ़टाकड़ा” बताया गया है, जिसका लाइसेंस 2024 में ही एक्सपायर हो चुका था ।


🧯 घटनाक्रम और प्रतिक्रिया

  • लाइसेंस की अनदेखी: फैक्ट्री की संचालन अवैध था; मालिक खुभचंदभाई मोहनानी और उनके पुत्र दीपकभाई मोहनानी पर अभियोग चल रहा है और आरोप है कि उन्होंने लाइसेंस हट जाने के बाद भी उत्पादन जारी रखा ।
  • विस्फोट की भयावहता: विस्फोट इतना तेज़ था कि फैक्ट्री की छत गिर गई, और विस्फोटक भाग तेज़ गति से उड़ गए। कई मृतकों के शरीर के अवशेष 200–300 मीटर दूर खेतों से मिले ।
  • बाल-कर्मचारियों की मौजूदगी: फैक्ट्री परिसर में कार्यरत 24 में से 21 लोग मारे गए, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे ।
  • पूर्व हादसे के बचे थे: दिल रो देने वाला सच यह है कि इनमें से कई मजदूर पहले मध्य प्रदेश के हारदा में फरवरी 2024 में हुए फैक्ट्री धमाके में टलकर बचे थे; आज वही मजदूर गुजरात में मारे गए ।

🔬 जांच और बाकी कार्यवाही

  • फोरेंसिक निष्कर्ष: जांच में पता चला कि विस्फोट का कारण अत्यधिक प्रतिक्रियाशील एल्युमिनियम पाउडर था। साथ ही, “पीला डेक्सट्रिन पाउडर” भी फैक्ट्री में पाया गया, जो विस्फोट को तेज़ करने वाले घटकों में गिना जाता है ।
  • मालिक-पुत्र गिरफ्तार: खुभचंदभाई और दीपकभाई मोहनानी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है; पुलिस ने आरोप लगाया कि उन्होंने फैक्ट्री की खिड़कियाँ व शटर बंद रखने के निर्देश दिए ताकि निरीक्षकों की नज़र ना पड़े ।

💰 मुआवजा व सरकारी पहल

  • प्रधानमंत्री राहत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को प्रति व्यक्ति ₹200,000 मुआवजे का ऐलान किया ।
  • राज्य सरकार की मदद: साथ ही, गुजरात के मुख्यमंत्री ने मृतकों के घरवालों को ₹400,000 और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की ।

🤔 सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियाँ

गुजरात सहित कई राज्यों में अवैध फटाका फैक्ट्रियों में लगातार हादसे हो रहे हैं। 2023 के बाद से देशभर में हादसों की श्रृंखला में यह एक और कॉल है कि सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाना कितना जरूरी है । मजदूरों और उनके आश्रितों की रक्षा, नियमित निरीक्षण, लाइसेंस की कड़ी जांच—इन उपायों को लागू करना अब अधिक अनिवार्य हो गया है।


🧭 निष्कर्ष

देसा विस्फोट ने एक बार फिर अवैध फटाका कारोबार की घातक सच्चाई को उजागर किया है। शवों को पहचानकर गांवों में अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया; साथ ही, मृतकों और घायलों के परिजनों के लिए मुआवजा घोषित कर दिया गया। सवाल उठता है: क्या सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने वाली प्रणाली शीघ्र ही लागू की जाएगी, या फिर यह दुर्घटना सिर्फ एक और दुखद आंकड़ा बनकर रह जाएगी?