कोलकाता के रितुराज होटल में भीषण आग, 14 की मौत – प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

कोलकाता के रितुराज होटल में भीषण आग, 14 की मौत – प्रशासन ने दिए जांच के आदेश


पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के व्यापारिक और भीड़भाड़ वाले इलाके सेंट्रल एस्प्लेनेड में स्थित रितुराज होटल में सोमवार सुबह भीषण आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में होटल के कर्मचारी, पर्यटक और कुछ स्थानीय निवासी शामिल हैं। दर्जनों लोग झुलस गए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

🔥 घटना का विवरण

घटना सुबह करीब 4:10 बजे की है जब होटल के तीसरे माले से धुआं उठता देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही होटल में अफरातफरी मच गई।
कई लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूद गए, जिससे कुछ घायल हो गए। दमकल की 12 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

🛑 हादसे में जान गंवाने वाले

अब तक मिली जानकारी के अनुसार:

  • 14 लोगों की मृत्यु हो चुकी है
  • 28 से अधिक लोग घायल हैं
  • 5 लोग अभी भी लापता हैं
  • मृतकों में एक विदेशी पर्यटक भी शामिल है

🚒 आग लगने का कारण

प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह बताया जा रहा है। लेकिन फॉरेंसिक टीम और कोलकाता फायर डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने लापरवाही और फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की आशंका भी जताई है।

🏨 होटल की स्थिति और लापरवाही के संकेत

जांच में पता चला है कि:

  • होटल में स्मोक अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम सक्रिय नहीं थे
  • फायर एग्जिट ब्लॉक थी
  • होटल को अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र मार्च 2024 में ही रिन्यू करवाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया था

🗣️ प्रशासन और राजनीतिक प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ितों के परिवारों को ₹5 लाख मुआवजा, और घायलों को ₹1 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

कोलकाता नगर निगम (KMC) और पुलिस प्रशासन ने होटल के मालिक और प्रबंधकों पर गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से जान को खतरे में डालने की धाराओं में केस दर्ज किया है। दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।

🧯 फायर डिपार्टमेंट की चेतावनी

कोलकाता अग्निशमन विभाग ने सभी होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों को फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


📌 निष्कर्ष:

रितुराज होटल अग्निकांड एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि आधुनिक शहरों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी जानलेवा हो सकती है। यह हादसा केवल एक लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक है। उम्मीद है कि इस घटना से सबक लेते हुए प्रशासन और नागरिक दोनों मिलकर ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति रोकेंगे।