राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई को भारत का 52वाँ चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। यह नियुक्ति 14 मई 2025 से प्रभावी होगी, जब मौजूदा CJI संजयव खन्ना का कार्यकाल समाप्त होगा ।
🔍 तथा नियुक्ति की मुख्य बातें
- न्यायमूर्ति गवई 14 मई 2025 को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा की जाएगी ।
- वे 6 महीने 9 दिन तक उत्पादक कार्यकाल में रहेंगे और 23 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होंगे ।
- गवई CJI बनने वाले पहले बौद्ध समुदाय और दूसरे अनुसूचित जाति (SC) से संबंध रखने वाले न्यायधीश हैं ।
⚖️ न्यायशास्त्र एवं विशेषज्ञता
- उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लगभग 300 निर्णय लिखे, जिनमें से कई संविधान, मौलिक अधिकार और “बुलडोज़र न्याय” से जुड़े स्पर्शी मामले थे ।
- उन महत्वपूर्ण निर्णयों में रेमोनिटाइजेशन (2016), इलेक्टोरल बॉन्ड्स परियोजना को असंवैधानिक ठहराना, और स्वच्छता-संपत्ति विधेयक भी शामिल हैं ।
- वे संविधान बचाव और न्यायिक स्वतंत्रता के लिए जाने जाते हैं ।
🏅 इतिहास-निर्माण
- गवई पहले बौद्ध और दूसरे SC समुदाय से होने वाले चीफ़ जस्टिस हैं—इससे भारतीय न्यायालयी प्रतिनिधित्व में बहुलता प्रदर्शित होती है ।
- उनके पूर्ववर्ती CJI संजयव खन्ना 13 मई 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं ।
🗣️ सरकारी प्रतिक्रिया
- कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ट्विटर (अब X) पर लिखा कि राष्ट्रपति ने न्यायमूर्ति गवई की नियुक्ति की है ।
- सुप्रीम कोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि मौजूदा प्रक्रिया वरिष्ठता पर आधारित है—जो देखकर लगता है कि न्यायपालिका में पारंपरिक पदानुक्रम का सम्मान हो रहा है ।
🧭 आगे की राह: गवई CJI के रूप में क्या करेंगे?
- वे प्रतिबाधित पदों को भरने, दरख़्वास्त प्रक्रिया को स्वचलित करने, और तकनीकी सुधार लाने में सक्रिय होंगे ।
- उनका नेतृत्व निग्रह मामलों को तेज करना, नैतिकता प्रमाणन, और न्यायिक पारदर्शिता पर भी केंद्रित होगा ।
- नियुक्ति के तीन दिन बाद ही, तीन नए न्यायधीश—N.V. Anjaria, Vijay Bishnoi, और Atul S. Chandurkar को सर्वोच्च न्यायालय की सदस्यता मिली—जो गवई की कोलेजियम अध्यक्षता का परिणाम है ।
📌 निचोड़
चुनाव, जातीय-धार्मिक विविधता, और विधायी बदलावों के बीच, न्यायमूर्ति गवई का CJI बनना न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह न्यायपालिका में एक अधिक समावेशी और पारदर्शी भविष्य की ओर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

