मदर डेयरी ने दूध की कीमत में किया ₹2 प्रति लीटर का इजाफा – महंगाई का नया झटका

मदर डेयरी ने दूध की कीमत में किया ₹2 प्रति लीटर का इजाफा – महंगाई का नया झटका


दूध की गर्मियों के मौसम में उत्पादन गिरने और लागत में वृद्धि के कारण केन्द्र सरकार के स्वामित्व वाली मदर डेयरी ने आज घोषणा की है कि वह 30 अप्रैल 2025 से अपनी सभी दूध की किस्मों के दाम में ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि करेगी।

📈 प्रमुख विवरण
लागत वृद्धि: कंपनी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उत्पादन लागत ₹4–5 प्रति लीटर तक बढ़ गई है, जिसका असर उपभोक्ताओं पर कम सेकम पहुँचाने के लिए ₹2 प्रति लीटर मंहगाई पास‑ऑन की जा रही है ।

लागू तिथि: यह बदलाव 30 अप्रैल 2025 से पूरे दिल्ली‑एनसीआर एवं अन्य बाजारों में लागू होगा।

बेचने का पैमाना: मदर डेयरी दिल्ली‑एनसीआर में प्रतिदिन लगभग 35 लाख लीटर दूध बेचती है, जो बाजार में इसकी अहमियत दर्शाता है।

🧾 नई कीमतों का विवरण
दिल्ली‑एनसीआर में लागू नई कीमतें निम्नानुसार हैं

दूध का प्रकार पुरानी कीमत नई कीमत
टोन्ड दूध (थोक) ₹54 ₹56
टोन्ड दूध (पाउच) ₹56 ₹57
फुल क्रीम (पाउच) ₹68 ₹69
डबल टोन्ड (पाउच) ₹49 ₹51
गाय का दूध ₹57 ₹59

🐮 कारण और प्रतिक्रिया
गर्मी व हीटवेव
मदर डेयरी ने बताया है कि इस वर्ष की गर्मी और बढ़ा हीटवेव मौसम ने दूध की उत्पादन क्षमता को प्रभावित किया, जिससे इनपुट लागत में वृद्धि हुई।

किसानों का समर्थन
कंपनी का कहना है कि यह बढ़ोतरी केवल लागत का आंशिक हिस्सा है। यह उठाया गया कदम किसानों को बेहतर वृद्धिमूल्य देने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उपभोक्ता का दृष्टिकोण
कुछ उपभोक्ताओं ने NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि यह मामूली मात्र का इजाफा है, परंतु यह भी स्वीकार किया कि “यह आम आदमी पर असर डालेगा”।

🌐 व्यापक असर
अन्य ब्रांड्स का रुख: अमूल, वेरका जैसी बड़ी डेयरी कंपनियों ने भी इसी समय ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि की है, जो संकेत देता है कि यह एक समन्वित प्रवृत्ति है।

उपभोक्ता बजट पर प्रभाव: दूध न सिर्फ सब्जी खाने में जरूरी है, बल्कि इससे बनते डेयरी उत्पाद भी महंगे होंगे। इससे परिवारों की मासिक खर्च योजना प्रभावित हो सकती है।

सरकारी दबाव: लगातार दूध व राशन की महंगाई के बीच आम आदमी पर बढ़ते बोझ को देखते हुए सरकार पर कीमतों नियंत्रित करने का दबाव बढ़ेगा।

💡 निष्कर्ष
मदर डेयरी का यह कदम उत्पादन लागत और मौसम की चुनौतियों का साधारण पर चिंताजनक संकेत देता है। जबकि किसानों की सही कीमत सुनिश्चित करना आवश्यक है, इसके साथ ही उपभोक्ताओं के लिए भी सहअस्तित्व बनाए रखना महत्वपूर्ण है। आगामी समय में डेयरी क्षेत्र पर सरकार की नजर और सामूहिक उपाय दोनों की भूमिका जरूरी हो जाएगी।