उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र में स्थित गंगा एक्सप्रेसवे पर भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक ऐतिहासिक नाइट लैंडिंग अभ्यास आयोजित किया। यह देश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है, जिसे लड़ाकू विमानों की 24 घंटे लैंडिंग के लिए सक्षम बनाया गया है। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में एक्सप्रेसवे को सैन्य रनवे के रूप में उपयोग करने की क्षमता का परीक्षण करना था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!🛫 अभ्यास की विशेषताएँ
- विमानों की विविधता: इस अभ्यास में राफेल, सुखोई-30MKI, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर, C-130J सुपर हरक्यूलिस, AN-32 और MI-17 हेलीकॉप्टर जैसे विमानों ने भाग लिया।
- दिन और रात दोनों में लैंडिंग: अभ्यास को दो चरणों में विभाजित किया गया था। पहले चरण में दिन के समय और दूसरे चरण में रात के समय लैंडिंग और टेक-ऑफ की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया।
- सुरक्षा उपाय: अभ्यास स्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 250 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए थे। साथ ही, बरेली-इटावा मार्ग पर यातायात को लगभग तीन घंटे के लिए रोका गया था।
🚁 अभ्यास का उद्देश्य
यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की युद्धक तत्परता और आपदा प्रबंधन क्षमता को प्रदर्शित करता है। गंगा एक्सप्रेसवे की 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी को आपातकालीन परिस्थितियों में सैन्य विमानों के लिए रनवे के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिससे वायुसेना की संचालन क्षमता में वृद्धि होती है।
🌍 रणनीतिक महत्व
गंगा एक्सप्रेसवे पर नाइट लैंडिंग क्षमता के साथ यह हवाई पट्टी भारत के उत्तर क्षेत्र की रक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किसी भी वायुसेना अड्डे पर हमले की स्थिति में, इस एक्सप्रेसवे को तत्काल सैन्य रनवे में परिवर्तित किया जा सकता है, जिससे त्वरित वायु तैनाती संभव होती है।
इस अभ्यास ने भारतीय वायुसेना की उच्चतम स्तर की तैयारी और तकनीकी क्षमता को उजागर किया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

