प्रसिद्ध गायक सोनू निगम के खिलाफ बेंगलुरु में एक कन्नड़ समर्थक संगठन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निगम ने 25-26 अप्रैल 2025 को ईस्ट प्वाइंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कन्नड़ भाषा का अपमान किया। उनके कथित बयान ने कन्नड़ समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मामले का विवरण:
बताया गया है कि एक प्रशंसक ने सोनू निगम से कन्नड़ में गाने का अनुरोध किया था। इस पर निगम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कन्नड़, कन्नड़… यही कारण है कि पहलगाम जैसी घटनाएँ होती हैं।” उनका यह बयान कन्नड़ समर्थक समूहों द्वारा कन्नड़ भाषा और संस्कृति का अपमान मानते हुए विरोध का कारण बना।
पुलिस की कार्रवाई:
बेंगलुरु के अवलाहल्ली पुलिस स्टेशन में कर्नाटक रक्षा वेदिके के अध्यक्ष धर्मराज आनंदैया की शिकायत पर सोनू निगम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), 352(1) (जानबूझकर अपमान), और 353 (सार्वजनिक गड़बड़ी) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
सोनू निगम की प्रतिक्रिया:
सोनू निगम ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें कन्नड़ गाने का अनुरोध करने वाले प्रशंसक ने धमकी दी थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इरादा कन्नड़ समुदाय का अपमान करने का नहीं था, बल्कि वह केवल एक व्यक्ति की अशिष्टता पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका:
सोनू निगम ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की है। अदालत ने इस याचिका पर 15 मई 2025 को सुनवाई की तिथि निर्धारित की है।
संगीत जगत की प्रतिक्रिया:
इस विवाद के बीच, संगीतकार टोनी कक्कड़ और शान ने सोनू निगम के पक्ष में बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि निगम का संगीत भारतीय संगीत को विभिन्न भाषाओं में एकजुट करता है और इस विवाद को बढ़ाने की बजाय सहनशीलता और समझ की आवश्यकता है।
यह मामला भाषा और संस्कृति के सम्मान को लेकर चल रहे व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है, जिसमें विभिन्न समुदायों की भावनाओं का सम्मान करना आवश्यक है।

