📅 आयोजन विवरण
समय: 4 मई से 15 मई 2025
स्थल: बिहार के पांच प्रमुख शहर — पटना, राजगीर, गया, भागलपुर, बेगूसराय
खिलाड़ी: देशभर से लगभग 8,500 युवा, 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और सेवा टीमों का प्रतिनिधित्व
खेल: कुल 28 पदक स्पर्धाएं, जिसमें पहली बार मान्य सेपक-तख्राओ शामिल; साथ में एक प्रदर्शन स्पोर्ट ई-स्पोर्ट्स भी
🇮🇳 उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने 4 मई को वर्चुअल तरीके से पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से उद्घाटन करते हुए बिहार की संस्कृति की तारीफ की और कहा:
“यहाँ लीट्ठी-चोखा और मखाना का आनंद लें…”
🏗️ इंफ्रास्ट्रक्चर और विधानसभा
राजगीर में 90 एकड़ में फैला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ओलिंपिक-स्तरीय सुविधाओं, इंडोर कोर्ट्स, स्वीमिंग पूल और बड़े क्रिकेट स्टेडियम सहित अनेक आधुनिक निर्माण । पटना, गया, भागलपुर, बेगूसराय में खेल परिसर तैयार हुए, और नियंत्रण कक्षों के जरिए का समन्वय सुनिश्चित किया गया ।
🎯 मुख्य आकर्षण और उपलब्धियाँ
- खुशी यादव (बिहार) ने 2000 m स्टिपलचेस में गोल्ड जीतकर हुए शानदार प्रदर्शन; खिलाड़ियों द्वारा 26 से अधिक मीट रिकॉर्ड भी तोड़े गए ।
- अल्का सिंह (बिहार) ने अंडर‑18 शॉटपुट में 14.73 m फेंककर स्वर्ण पदक जीता; इसे घरेलू आत्मविश्वास की पुष्टि माना गया ।
- बिहार की बेटियों की रग्बी टीम ने पहला गोल्ड अपने नाम किया, 22–0 से ओडिशा को हराकर; ‘अस्मिता लीग’ ने इसका आधार बनाया ।
🌱 युवा सशक्तिकरण और सामाजिक प्रभाव
इस आयोजन ने बिहार की युवा पीढ़ी में खेल को करियर विकल्प के रूप में अपनाने की प्रेरणा जगाई।
पटना, दीघा जैसे परिसर में बड़ी संख्या में बच्चे खुद स्टेडियम में आकर खेल का आनंद लेते नजर आए, और इसे “मेडल्स से ज्यादा प्रेरणा” कहा गया ।
🏆 पदक तालिका
- महाराष्ट्र ने 158 पदक (58 गोल्ड) के साथ शीर्ष स्थान कायम रखा; हरियाणा दूसरे, राजस्थान तीसरे स्थान पर रहे ।
- मेजबान बिहार ने कुल 36 पदक हासिल कर पिछली बार की तुलना में शानदार प्रगति दिखायी और 15वें स्थान पर रहा ।
🌟 प्रधानमंत्री–मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
- पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कॉल आउट करते हुए तीन खिलाड़ियों: यूपी के ज़ीशान, कादीर खान और तुषार चौधरी की देखी उनकी विशेष पौरुष की प्रशंसा की ।
- केंद्रीय खेल मंत्री मांडविया ने निवेश और दीर्घकालीन विकास की बात की; कहा—‘प्रतिभा को प्रणाली चाहिए’ ।
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और खेल विभाग ने इसे खेल संस्कृति को बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर बताया ।
✅ निष्कर्ष
Khelo India Youth Games 2025, बिहार की पहली मेजबानी में, केवल खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूपांतरण था। इससे राज्य की खेल संरचना, युवा आत्मबल और राष्ट्रीय पहचान को नई उड़ान मिली। बड़ी बुनियादी संरचना, युवा प्रतिभाओं की उँगली उठना, और मास्स मीडिया कवरेज़—इस आयोजन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बिहार अब भारत के खेल मानचित्र पर मजबूती से अपनी जगह बना रहा है।

