भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम


अमेरिका की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान ने एक “पूर्ण और तत्काल संघर्ष विराम” (Full and Immediate Ceasefire) की घोषणा की थी। हालांकि, 11 मई को पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन किए जाने की खबरें सामने आईं, जिसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की।


🕊️ संघर्ष विराम की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 10 मई को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘Truth Social’ पर एक पोस्ट के माध्यम से संघर्ष विराम की घोषणा की। उन्होंने लिखा, “भारत और पाकिस्तान ने एक पूर्ण और तत्काल संघर्ष विराम पर सहमति व्यक्त की है।” इससे पहले, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोनों देशों के नेताओं से बातचीत की थी, जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शामिल थे।


⚠️ संघर्ष विराम का उल्लंघन

हालाँकि संघर्ष विराम की घोषणा की गई थी, लेकिन 11 मई को भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने इसे उल्लंघन किया। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “संघर्ष विराम समझौते के बावजूद पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर और अन्य क्षेत्रों में गोलाबारी की।” इसके जवाब में भारतीय सेना ने भी कार्रवाई की।


🇵🇰 पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान ने भारत के आरोपों का खंडन किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसहाक डार ने कहा, “पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का पालन किया है।” हालाँकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारतीय आरोपों को “गैर जिम्मेदाराना और तथ्यात्मक रूप से गलत” बताया है।


📉 क्षेत्रीय स्थिति

संघर्ष विराम के बावजूद, दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष विराम केवल एक अस्थायी राहत प्रदान करता है, और स्थायी शांति के लिए दोनों देशों के बीच संवाद और विश्वास निर्माण की आवश्यकता है।


यह घटनाक्रम दर्शाता है कि संघर्ष विराम की घोषणाएँ भी तभी प्रभावी होती हैं जब दोनों पक्षों द्वारा उनका पालन किया जाए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है।