नृसिंह जयंती, भगवान विष्णु के चौथे अवतार नृसिंह के प्रकट होने की तिथि है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान नृसिंह ने इस दिन राक्षस हिरण्यकश्यप का वध कर अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी। यह दिन अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है।
📅 तिथि और समय
- तिथि: वैशाख शुक्ल चतुर्दशी
- तिथि आरंभ: 10 मई 2025, शाम 5:29 बजे
- तिथि समाप्ति: 11 मई 2025, रात 8:01 बजे
- शयनकाल पूजा मुहूर्त: शाम 4:21 बजे से 7:03 बजे तक
🙏 पूजा विधि
- भगवान नृसिंह की प्रतिमा या चित्र की स्थापना करें।
- पुष्प, फल, और पंचामृत अर्पित करें।
- व्रत रखें और विशेष रूप से नृसिंह स्तोत्र का पाठ करें।
- हवन करें और कथा का श्रवण करें।
🌟 संदेश
“नृसिंह भगवान की कृपा से जीवन में हर संकट से मुक्ति मिले।”
🔥 छिन्नमस्ता जयंती – देवी छिन्नमस्ता की पूजा
छिन्नमस्ता जयंती, दस महाविद्याओं में छठी महाविद्या देवी छिन्नमस्ता की पूजा का पर्व है। यह दिन आत्मबलिदान, साहस और निस्वार्थता का प्रतीक है। देवी छिन्नमस्ता ने अपनी गर्दन काटकर अपने दो सेवकों को रक्त पान कराया, जो उनके असीम प्रेम और बलिदान को दर्शाता है।
📅 तिथि और समय
- तिथि: वैशाख शुक्ल चतुर्दशी
- तिथि आरंभ: 10 मई 2025, शाम 5:29 बजे
- तिथि समाप्ति: 11 मई 2025, रात 8:01 बजे
🙏 पूजा विधि
- देवी छिन्नमस्ता की प्रतिमा या चित्र की स्थापना करें।
- पुष्प, फल, और पंचामृत अर्पित करें।
- व्रत रखें और विशेष रूप से छिन्नमस्ता स्तोत्र का पाठ करें।
- हवन करें और कथा का श्रवण करें।
🌟 संदेश
“देवी छिन्नमस्ता की कृपा से जीवन में हर संकट से मुक्ति मिले।”

