मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग को आदेश दिया है कि सरकारी स्कूलों में फैली हुई लगभग 2 लाख खाली शिक्षक पदों का तुरंत आकलन शुरू किया जाए, ताकि BPSC के माध्यम से TRE 4.0 के माध्यम से लगभग 50,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जा सके ।
👩🏫 महिलाओं को मिलेगा विशेष आरक्षण
नवीनतम भर्ती नीति में राज्य की महिलाओं के लिए 35% आरक्षण लागू किया गया है, और अब यह आरक्षण केवल बिहार की महिला अभ्यर्थियों तक सीमित रहेगा। पहले यह आरक्षण बाहर की महिलाओं को भी उपलब्ध था, लेकिन अब इसे स्थानीय उम्मीदवारों तक विशेष बनाया गया है ।
नीतीश कुमार ने ट्वीट करके जानकारी दी कि वे चाहते हैं कि 10 अगस्त 2025 से पहले स्टाफ़िंग प्रक्रिया शुरू हो जाए, जिससे बहुप्रतीक्षित TRE 4.0 भर्ती में तेजी लाई जा सके ।
🗂️ भर्ती प्रक्रिया की रूपरेखा
- TRE 4.0 परीक्षा के लिए BPSC जल्द नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिसमें आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मापदंड, पदों की संख्या, और संभावित परीक्षा तिथियाँ शामिल होंगी ।
- यह भर्ती प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के लिए की जाएगी—कक्षा I से XII तक।
- पिछली भर्तियों (TRE 1.0–3.0) के माध्यम से लगभग 3.25 लाख शिक्षकों की नियुक्ति हुई, लेकिन लगभग 20,000 पद अब भी खाली हैं ।
🎯 नीतीश सरकार की रणनीति और प्रभाव
- स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता: 35% महिला आरक्षण को बिहार निवासियों तक सीमित करने का उद्देश्य राज्य में घरेलू उम्मीदवारों के अधिकार को सुदृढ़ करना है ।
- DELHI V/S बिहार की स्थानीय आकांक्षाएँ: भर्ती प्रक्रिया में घरेलू नीतियों को लागू करना युवाओं में रोजगार की अनुभूति मजबूत कर रहा है और विधानसभा चुनावों से पहले यह एक सकारात्मक राजनीतिक संदेश भी है ।
- शिक्षा सुधार और गुणवत्ता: नए शिक्षकों की नियुक्ति से छात्र‑शिक्षक अनुपात (PTR) बेहतर होगा, जिससे नीतीश सरकार के शिक्षा सुधार के प्रयासों को बल मिलेगा।
📈 तीर–ताजगी के संकेत
नवीनतम शिक्षा विभाग की रिपोर्ट बताती है कि बिहार का विद्यार्थी‑शिक्षक अनुपात वर्तमान में 28:1 है, जो राष्ट्रीय औसत 35:1 से कहीं बेहतर है। TRE भर्तियों की निरंतरता के कारण यह अनुपात और सुधरेगा ।
📝 सारांश
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कहां | पटना, बिहार |
| क्या | TRE 4.0 के लिए BPSC प्रक्रिया तेज़ |
| कब तक | स्टाफिंग 10 अगस्त 2025 तक शुरू |
| आरक्षण | 35% केवल बिहार की महिलाओं के लिए |
| लाभ | लगभग 50,000 शिक्षक अतिरिक्त नियुक्त होंगे |
| उद्देश्य | स्थानीय युवाओं को रोजगार, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, और विधानसभा चुनावों पूर्व सरकार का सकारात्मक संदेश |
ये कदम स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में स्थिरता और निष्पक्षता पर जोर दे रही है, जिससे बिहार के ग्रामीण और शहरी इलाकों दोनों में पढ़ाई और रोजगार का स्तर एक नई ऊँचाई पर पहुंच सकता है।

