भारत–पाक सीमा पर गत 12 दिन से बंद चल रही प्रसिद्ध “बीटिंग रिट्रीट” सेरेमनी आज मंगलवार शाम पुनः शुरू कर दी गई। यह कार्यक्रम अटारी–वाघा के अलावा पंजाब के हुसैनीवाला (फिरोजपुर) और सादकी (फाजिल्का) बॉर्डर पोस्ट पर भी आयोजित किया गया।
🗓️ पृष्ठभूमि और सतर्क शुरुआत
- यह परंपरागत सेरेमनी 7 मई से सुरक्षा कारणों से स्थगित थी, खासकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद पैदा हुए तनाव के चलते ।
- आज से समारोह दुबारा शुरू हुआ, लेकिन दरवाज़े बंद रखे गए और बीएसएफ व पाक रेंजर्स के बीच पारंपरिक हैंडशेक तथा मिठाइयों का आदान‑प्रदान नहीं किया गया ।
📍 मुख्य विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| समय | शाम 6:30 बजे |
| स्थान | अटारी–वाघा, हुसैनीवाला, सादकी |
| दर्शकों की स्थिति | आज से मीडिया को आमंत्रित, आम जनता 20 से ही शामिल होगी, और पूरी शुरुआत 21 मई से होगी |
| सुरक्षा उपाय | सभी किसानों के लिए सीमा फेंसिंग गेट खोले और खेतों में सुरक्षा चेक किए गए ताकि कोई विस्फोटक न रहे |
🎤 प्रतिक्रियाएँ और सामाजिक प्रभाव
- स्थानीय टैक्सी यूनियन और पर्यटन परिप्रेक्ष्य से व्यापारियों ने समारोह की बहाली पर राहत जताई, क्योंकि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में जान आने की उम्मीद है ।
- पूर्व एयर मार्शल संजीव कपूर ने इसे “समय का गलत संदेश” बताया, क्योंकि अभी सीमापार संघर्ष स्थिर नहीं हुआ है ।
📌 महत्व और निष्कर्ष
बीटिंग रिट्रीट समारोह भारत–पाक सीमा पर रोज़ाना होने वाली आकर्षक सैन्य परंपरा है, जिसे 1959 से आयोजित किया जाता है । इस बार भी यह एक संकोचयुक्त पुनरारंभ है—जैसे राजनयिक दूरी बनी रहे पर सामाजिक-आर्थिक राहत बहाल हो।

