भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय एवं आसपास के क्षेत्रों में अगले 2–3 दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
⚠️ मुख्य चेतावनी विवरण
- IMD रिपोर्ट के अनुसार 18 से 24 मई की अवधि में दक्षिण-पश्चिमी ढलान का सिस्टम प्रभावी है, जिसके कारण इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, साथ ही ताजगीदार महाद्वीपीय हवाओं के झोंके (30‑50 किमी/घंटा) चलेंगे।
- कोस्टल कर्नाटक, गोवा, पश्चिमी महाराष्ट्र (कोंकण-से पहले क्षेत्रों) में 20–22 मई के बीच गंभीर बारिश की संभावना और हवाओं की गति 50‑60 किमी/घंटा तक जाने की चेतावनी दी गई है
- गोवा में येलो अलर्ट 20 मई तक प्रभावी है, जिसमें बिजली कड़कने, हवा तेज चलने (30‑40 किमी/घंटा) और मध्यम बारिश की संभावना शामिल है।
📍 राज्यों का विस्तार
✅ केरल
- IMD ने 18–25 मई तक हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है।
- विशिष्ट क्षेत्रों में भारी/बहुत भारी बारिश के संभावनाएं बनी हुई हैं।
✅ कर्नाटक
- तटीय व गढ़ पहाड़ी इलाकों में अत्यधिक वर्षा की आशंका।
- 18–24 मई के बीच गंभीर बारिश और तेज हवाएँ अनुमानित हैं।
✅ गोवा
- येलो अलर्ट प्रभावी, अगले दो दिनों तक बिजली गिरना और मध्यम बारिश की संभावना।
- हवाओं की रफ्तार 30‑40 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है।
✅ महाराष्ट्र (कोस्टल व मध्य महाराष्ट्र)
- 19–24 मई के दौरान तटवर्ती व गढ़ पहाड़ी जिलों में मध्यम से बहुत भारी बारिश की संभावना।
- कोंकण, पुणे, सतारा, कोल्हापुर, नासिक, जलगाँव में तूफानी हवाओं (50‑60 किमी/घंटा) की चेतावनी जारी है
⚙️ जमीनी प्रभाव
- मछुआरों एवं नाविकों को समुद्र व किनारों पर सतर्क रहने की अपील की गई है।
- तटीय जिलों में बाढ़ और नदी-नाले का उफान आने की संभावना।
- भारमंजन से पहले सावधानी बनी रहे: खेतों, निर्माण स्थलों, स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
🔍 मौसम विज्ञान की व्याख्या
- IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी ढलान (सिस्टम ट्रफ) और अरब सागर में बनने वाला सिस्टम मिलकर इन राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का संयोजन बना रहे हैं।
- यह मॉनसून आने की प्रारंभिक गतिविधियों का हिस्सा है, जो अगले सप्ताह और भी सक्रिय होने की संभावना है।
🚨 आवासीय सलाह
- डाउनपैक्स, छतरी, रेनकोट रखिए तैयार और बाहर निकलते समय बेहद सावधानी बरतें।
- संभव हो तो मछुआरों से आग्रह है कि भापवाली मौसम में समुद्र में न जाएँ।
- तटीय इलाकों में रहने वाले लोग बिजली गिरने के खतरों को देखते हुए खुले में न रहें।
✅ निष्कर्ष
आने वाले 2–3 दिनों में केरल, कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय व पहाड़ी इलाकों में प्रतिदिन हल्की से मध्यम से लेकर गंभीर बारिश व तेज हवाओं तक की संभावना है। ऐसे मौसम में सावधानी, अपडेट्स और सतर्कता अनिवार्य है।

