जम्मू कश्मीर पुलिस की SOPOR (शोपियां) उप-शाखा ने आज एक ठोस गैर-लैथली (‘non-kinetic’) अभियान में तीन पाकिस्तान व PoK-आधारित आतंकवादी ऑपरटर्स की जमीन जब्त की है। इसमें 29 मरला भूमि शामिल है, जो सोपोर उप-जिले के इलाके में पट्टित थी। एसओपीआर पुलिस ने ये कदम अल कायदा संरचना को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया।
🧾 मुख्य तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कितनी संपत्ति | 29 मरला (लगभग 725 वर्ग मीटर) |
| क्यों जब्त | तीन संदिग्ध आतंकवादी – Arshid Ahmad Teli, Firdous Ahmad Dar (उमार दर), Nazir Ahmad Dar (शब्बीर इलाही) के संपत्ति कब्जे के तहत |
| कहाँ | सोपोर (उत्तर कश्मीर), जम्मू कश्मीर |
| कानूनी रूपरेखा | संपत्ति को जब्त करना गैर-लैथली अभियान का हिस्सा है, कोई मुठभेड़ नहीं हुई |
🎯 रणनीतिक महत्व
- आर्थिक नाकेबंदी:
यह कार्रवाई आतंकवादी नेटवर्क के आर्थिक एवं लॉजिस्टिक आधार को कमजोर करने की नीयत से की गई है, ताकि उनकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। - डिजिटल रूप से भी सन्देश:
इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि सीमा पार से संचालित आतंकवादी गतिविधियों का सामना केवल सैन्य बल से नहीं बल्कि नीतिगत कार्रवाई-कानूनी निर्देशों से भी किया जाएगा।
🗣️ पुलिस की प्रतिक्रिया
SOPOR पुलिस ने बताया कि यह एक ‘non-kinetic operation’ था, जिसमें कोई गोलीबारी-हताहत नहीं, लेकिन आतंकी वित्तीय संरचना को नष्ट करने का उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि ये तीनों सिर्फ सक्रिय न होकर अपने नेटवर्कों के समर्थन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
🌐 बड़ी तस्वीर में यह कदम
- यह कार्रवाई हाल में कई अन्य संपत्ति जब्ती अभियानों का हिस्सा है, जिनमें पीओके से जुड़े आतंकियों के खिलाफ जम्मू, कश्मीर व लद्दाख में व्यापक कार्रवाइयां शामिल हैं।
- इससे पहले किश्तवाड़ में जनवरी में PoK-आधारित 11 आतंकियों की 9+1 मारला जमीन जब्त की गई थी।
- अप्रैल में पहलगाम में 26 नागरिकों की जान लेने वाले आतंकी हमले के बाद भी यह रणनीति तेज हो गई है।
📌 निष्कर्ष
SOPOR पुलिस की यह कार्रवाई रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ मुठभेड़ों पर निर्भर करने के बजाय, आर्थिक और कानूनी दोनों खेमों में हमेंल करने की रणनीति इस क्षेत्र में अखंडता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

