नीति आयोग की 10वीं गोवर्निंग काउंसिल बैठक

नीति आयोग की 10वीं गोवर्निंग काउंसिल बैठक


बैठक की पृष्ठभूमि

24 मई 2025 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 10वीं गोवर्निंग काउंसिल बैठक आयोजित हुई। यह बैठक “Viksit Rajya for Viksit Bharat@2047” विषय पर केंद्रित थी, जिसमें केंद्र और राज्यों को मिलकर 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा करने की दिशा में रणनीतियाँ निर्धारित की गईं।

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मुख्य विषय-वस्तु

1. **टेलीग्राम ‘टीम इंडिया’ और समावेशी विकास

प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राज्यों को एक ‘टीम इंडिया’ के रूप में मिलकर काम करने की अपील की। उनका कहना था कि जब हर राज्य, शहर और गाँव विकास के लक्ष्य की ओर अग्रसर होंगे, तब “Viksit Bharat” का सपना और जल्द हकीकत होगा।

2. **राष्ट्रीय विज़न और मास्टरप्लान

बैठक में “विकसित भारत के लिए मास्टरप्लान” प्रस्तुत किया गया, जिसमें राज्यों को अपने दीर्घकालिक और स्थानीय-आधारित योजना दस्तावेज़ तैयार करने का निर्देश दिया गया।

3. **संरक्षण, कौशल विकास और भविष्य-प्रवृत्त उद्योग

प्रधानमंत्री ने देश को भविष्य-तैयार शहरों की ओर बढ़ाने, पर्यटन को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने, महिला सशक्तिकरण, साइबर सुरक्षा, हाइड्रोजन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्र उपयोग करने की अहमियत पर जोर दिया।

4. **“वन स्टेट–वन ग्लोबल डेस्टिनेशन” पहल

हर राज्य में कम से कम एक पर्यटन गंतव्य को वैश्विक स्तर पर विकसित करने का सुझाव मिलता है। इससे स्थानीय पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

5. **निवेश, विनिर्माण और MSME सशक्तिकरण

प्रधानमंत्री ने राज्यों को वैश्विक निवेश आकर्षित करने, विनिर्माण बढ़ाने, MSME एवं ग्रामीण व अर्द्ध-शहरी गैर-कृषि क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर जोर देने जैसे छह प्रमुख स्तंभों पर काम चलाने के लिए प्रेरित किया।


राज्यों की सक्रिय भागीदारी

  • झारखंड (मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन) ने बैठक में राज्य के ₹1.40 लाख करोड़ लुप्त हुए खदान रॉयल्टी और संसाधन वापसी की व्यवस्था, जंगल स्वीकृतियों, कठोर वित्तीय प्रयोजनों और कैप्टिव ऊर्जा उत्पादन पर विशेष बल डाला।
  • आंध्र प्रदेश (मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू) ने “स्वर्ण आंध्र विजन ’47” और उप-समूह गठित करने की योजना साझा की, जिनका उद्देश्य जीडीपी वृद्धि, जनसंख्या प्रबंधन और तकनीकी शासन से जुड़ा था।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और विवाद

  • अनुपस्थित मुख्यमंत्री: पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, केरल के पिनाराई विजयन, कर्नाटक के सिद्धारमैया और बिहार के नीतीश कुमार बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके चलते सहयोगात्मक संघवाद की प्रक्रिया और केंद्र-राज्य संबंधों पर सवाल उठे।
  • राजनीतिक प्रतिक्रिया: AIADMK नेता ई. पलानीस्वामी ने TN के CM M.K. Stalin के अचानक भागीदारी निर्णय पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि यह ED जांच के डर से हुआ है।

निष्कर्ष

नीति आयोग की यह बैठक केंद्र और राज्यों के बीच एक सकारात्मक और निर्णायक संवाद का रूप रही, जिसमें “टीम इंडिया” के बहुआयामी दृष्टिकोण पर बल केंद्रित किया गया। हालांकि विपक्षी दलों की गैरहाजिरी से समावेशी संघवाद की दिशा में राजनीतिक चुनौतियाँ भी उजागर हुईं, साथ ही राज्यों द्वारा प्रस्तुत आर्थिक मुद्दों ने राष्ट्रीय नीति निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया। यह बैठक 2047 तक “विकासित भारत” की दिशा में एक मजबूत क़दम साबित हुई।