पूर्व WFI अध्यक्ष Brij Bhushan Sharan Singh को नाबालिग पहलवान के आरोपों में क्लीन चिट

पूर्व WFI अध्यक्ष Brij Bhushan Sharan Singh को नाबालिग पहलवान के आरोपों में क्लीन चिट


दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने Brij Bhushan Sharan Singh—पूर्व Wrestling Federation of India (WFI) अध्यक्ष एवं पूर्व बीजेपी सांसद—के विरुद्ध एक नाबालिग पहलवान द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न (POCSO) के आरोपों को ख़त्म करते हुए मुकदमा बंद कर दिया। अदालत ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत कैंसलेशन रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिससे यह मामला औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है ।


🧾 मुकदमें की प्रमुख जानकारी

  • POCSO धाराओं के तहत मामला इसलिए दर्ज किया गया क्योंकि शिकायतकर्ता नाबालिग थी। आरोप में यौन उत्पीड़न, पीछा करना और धमकाना शामिल थे ।
  • विवेचना में पीड़िता और उसके पिता ने आरोप वापस ले लिए। पिता ने जानबूझकर शिकायत दर्ज कराने का दावा किया था, ताकि अपनी बेटी के चयन विवाद को दबाया जा सके ।
  • दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में एक 550 पृष्ठ की रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिले ।

📣 अदालत का निर्णय और प्रतिक्रिया

  • अदालत ने “Cancellation accepted” घोषणा की, जिससे मामले का निपटारा हो गया है ।
  • Brij Bhushan ने फैसला आने के बाद कहा कि पीड़िता और पिता को कोई दबाव नहीं था और वे खुलकर सहयोगी रहे ।

🎉 राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रिया

  • 28 मई 2025 को Ayodhya में Singh ने एक विजय जुलूस निकाला, जिसमें लगभग 10,000 समर्थकों और 100 SUVs शामिल थीं। उन्होंने कहा कि ऐसी कानून व्यवस्था राजनीतिक विपक्ष को निशाना बनाने के लिए दुरुपयोग हो रही है ।
  • Singh ने सरकार पर जोर देकर कहा कि ऐसे कानूनों की समीक्षा होनी चाहिए, जिसमें झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ दंड का प्रावधान हो ।

⚠️ आपात स्थिति बनी रहे केस की शेषताएँ

  • ध्यान देने योग्य है कि छह वरिष्ठ महिला पहलवानों ने भी Singh के खिलाफ अलग-अलग यौन उत्पीड़न और स्टॉकिंग के आरोप लगाए थे, जिनका मामला अभी भी न्यायालय में सुनवाई के अधीन है ।

🏛️ परिप्रेक्ष्य और व्यापक प्रभाव

  • यह विवाद जनवरी 2023 में शुरू हुआ था जब Sakshi Malik, Vinesh Phogat, Bajrang Punia सहित कई शीर्ष महिला पहलवानों ने WFI अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई और दिल्ली में Jantar Mantar पर लंबी राजनीति-न्याय मिलने की मांग की गई थी ।
  • इससे भारतीय कुश्ती के भीतर सुधार, पारदर्शिता और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर बड़े स्तर के सवाल उठे थे।

✍️ निष्कर्ष

दिल्ली की कोर्ट द्वारा Brij Bhushan Sharan Singh को POCSO मुकदमे से क्लीन चिट मिलना उनके लिए एक विशाल कानूनी और सार्वजनिक राहत साबित हुआ है। हालांकि, यह मामला समाप्त हुआ है, लेकिन अभी भी मौजूदा महिला पहलवानों द्वारा दर्ज अन्य गंभीर आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। इस फैसले ने भारतीय खेल जगत में आरोप-प्रक्रिया, सुरक्षा, और संस्थागत जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर फिर से बहस को जन्म दिया है।