- 27 मई 2025 को IMD ने अपनी मासिक बारिश एवं तापमान दृष्टिकोण जारी किया, जिसमें जून माह के लिए देशभर में लॉंग‑पीरियड एवरेज (LPA) का 108% बारिश होने की उम्मीद जताई गई है ।
- समग्र मानसून (जून से सितंबर) भी 106% LPA पर रहने की संभावना है, जो पिछले अनुमान (105%) से थोड़ा ऊंचा है ।
🌦 क्षेत्रीय पूर्वानुमान
- मानसून के मुख्य क्षेत्र जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और आसपास के जिलों में बारिश औसत से अधिक रहने की संभावना है ।
- उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़) को सामान्य (92–108% LPA) से थोड़ा ऊपर बारिश मिल सकती है; कुछ हिस्सोंमें 114% तक पहुँचने की संभावना भी जताई गई है ।
- जबकि पूरब (इस्ट इंडिया) और पूर्वोत्तर क्षेत्र में बारिश सामान्य से नीचे (94% से कम) दर्ज होने की आशंका है ।
🔍 तापमान एवं हीटवेव का परिदृश्य
- जून माह में अधिकतम तापमान अधिकांश हिस्सों में सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है—विशेषकर कृषि एवं जन स्वास्थ्य के लिए राहत भरा संकेत ।
- वहीं, न्यूनतम तापमान अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक रह सकता है, जबकि कुछ सीमित क्षेत्रों (मध्य एवं दक्षिण भारत) में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है ।
- इससे हीटवेव की तीव्रता एवं अवधि पहले ज़्यादा लंबा रहा है; उल्लिखित बारिश से उत्तरी भारत में प्रारंभिक राहत मिलने की उम्मीद है ।
✅ लाभ एवं संभावित चुनौतियाँ
| पहलू | संभावित प्रभाव |
|---|---|
| कृषि | खरिफ फसलों की बुवाई और जलसंधारण हेतु मददगार। भूजल स्तर पुनः भरने में सहायता। |
| तापमान और हीटवेव | जून में अधिकतम तापमान सामान्य या कम, जिससे हीटवेव की तीव्रता में कमी की उम्मीद। |
| सार्वजनिक व्यवस्थापन | बाढ़, अल्पकालिक जलभराव, ट्रैफिक और स्वास्थ्य चुनौतियाँ बनी रह सकती हैं, विशेषकर दक्षिण भारत और प्रमुख मानसून जोन में। |
| पूर्व तैयारी और चेतावनी | IMD की ओर से पहले से रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी होना संभव; मिलान एवं सुनियोजित प्रतिक्रिया जरूरी । |
📝 निष्कर्ष
28 मई 2025 तक के IMD के डेटा के अनुसार, जून 2025 में भारत में सामान्य से कहीं अधिक (108%) बारिश होने की उम्मीद है। यह मॉनसून न सिर्फ कृषि और जल प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि गर्मी से राहत, तापमान नियंत्रण, और वातावरणीय संतुलन की दृष्टि से भी सकारात्मक संकेत देती है।
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