उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के करीब 50,000 पदों पर भर्ती की तैयारी की थी — जिसमें प्राथमिक, माध्यमिक (TGT‑PGT) और उच्च शिक्षा विभाग शामिल थे। राज्य के कार्मिक विभाग ने भर्ती प्रस्ताव (अधियाचन प्रारूप) तैयार कर UPESSC को भेजने की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन बीच में समन्वय की कमी की वजह से प्रक्रिया अटकी हुई है ।
📌 बैठकें और गतिरोध
- बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभागों के अधिकारियों और UPESSC प्रतिनिधियों के बीच अब तक लगभग 10 बैठकें आयोजित की गई हैं। लेकिन रिक्त पदों का अधियाचन प्रारूप तैयार नहीं हो पाया, जिससे कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका ।
- बोर्ड स्तर पर भी स्पष्ट रूप से यह प्रक्रिया तय नहीं हो सकी कि UPESSC को ऑनलाइन ई‑अधियाचन किस फॉर्मैट में भेजना है—इससे आगे की कार्रवाई आगे बढ़ नहीं पा रही है।
🏛 आयोग की प्रतिक्रिया: इंतजार जारी
- UPESSC ने कहा है कि उसका काम केवल नियुक्ति परीक्षा आयोजित कर अभ्यर्थियों का चयन करना है; लेकिन जब तक विभागों से अधियाचन प्राप्त नहीं होता—जितने पद भेजे जाएंगे, आयोग पर उसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी ।
- फिलहाल वह किसी प्रारूप के बिना कार्य जारी नहीं कर सकता; आयोग पहले विभागों से डेटा प्राप्त होने की प्रतीक्षा कर रहा है।
📅 रिक्त पदों की स्थिति और संभावित समयरेखा
- अगर बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग समय पर अधियाचन भेज देते, तो अगस्त–सितंबर 2025 में विज्ञापन जारी हो सकता था।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जून तक अध्याचन प्राप्ति उम्मीद थी—लेकिन अब प्रक्रिया में कम से कम दो‑तीन माह और वक्त लगने की संभावना बनी हुई है ।
⚠️ अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
- परीक्षार्थियों में निराशा और चिंता है। कई अभ्यर्थियों ने कहा: “इतना लंबे समय से इंतज़ार है, लेकिन अब तक कुछ साफ नहीं हो रहा है।”
- आयोजन स्थगित होने से उनका भावनात्मक और आर्थिक तनाव बढ़ गया है — क्योंकि कई लोग तैयारी और निवेश कर चुके हैं।
🗂 सारांश तालिका
| विषय | विवरण |
|---|---|
| रिक्त पदों का अनुमान | लगभग 50,000 शिक्षक पद (Primary, TGT, PGT, PGT असिस्टेंट प्रोफेसर) |
| प्रारूप-बाधा | विभागों द्वारा UPESSC को रिक्तियों की जानकारी न भेजना |
| बैठक संख्या | करीब 10 बैठकें हुई, लेकिन कोई निर्णय नहीं निकला |
| प्रक्रिया धीमी | अधियाचन फॉर्मेट पर सहमति न होने से भर्ती प्रक्रिया रुकी |
| भावी समयरेखा | अधियाचन मिलने में 1–2 माह; विज्ञापन संभवतः अक्टूबर 2025 तक |
✅ निष्कर्ष
28 मई 2025 तक, उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अस्पष्ट और अटकी हुई है। UPESSC और शिक्षा विभाग के बीच डेटा और अधियाचन प्रारूप को लेकर सहमति नहीं बनने की वजह से 50,000 से अधिक पदों पर भर्ती शुरू नहीं हो सकी है। अभ्यर्थियों और राज्य शिक्षा तंत्र दोनों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

