पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के सुराब (Sorab / Surab) जिले में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक सुव्यवस्थित सशस्त्र अभियान के बाद पूरे जिले पर नियंत्रण करने का दावा किया। BLA प्रवक्ता जीयंद बलूच ने बताया कि इन लड़ाकों ने प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों जैसे बैंक, पुलिस स्टेशन, लेवी स्टेशन और जिले के प्रशासनिक कार्यालयों को अपने कब्ज़े में लिया। उन्होंने यह भी कहा कि क्वेटा–कराची और सुराब–गिदर हाईवे पर BLA ने चेकपोइंट्स स्थापित कर राज्य की आवाजाही सीमित कर दी है ।
🔹 ऑपरेशन का संचालन और प्रभाव
- इस हमले की अवधि लगभग तीन घंटे की थी, जिसमें BLA ने प्रशासनिक, वित्तीय, और सुरक्षा संरचनाओं को “पैरेलाइज” करने का दावा किया।
- BLA के अनुसार, उन्होंने मशीनगनों से लैस सेना और पुलिस बलों को पीछे धकेल दिया, जिससे पूरा नियंत्रण सम्भव हुआ ।
🔹 स्थानीय और सरकारी प्रतिक्रिया
- स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस हमले में एसिस्टेंट कमिश्नर की मौत हो गई जबकि कई सरकारी भवनों में आग लगाई गई और नक़ली कब्ज़ा बनाने की घटनाएँ देखने को मिलीं ।
- हालांकि BLA ने दावा किया कि उनका नियंत्रण स्थायी है, स्थानीय पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की और बताया कि सुरक्षा बलों के आने पर विद्रोहियों ने पीछे हटने का निर्णय लिया ।
- पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने हिंसा की निंदा की और इसे निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाला कायरतापूर्ण कार्य बताया ।
- बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने इस हमले को “राज्य की सत्ता को चुनौती” मानते हुए सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति नियंत्रण में लाने के निर्देश दिए ।
📝 रिपोर्टर की नज़र से — खाका
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| तारीख और स्थान | 30 मई 2025, सुराब शहर, बलूचिस्तान (पाकिस्तान) |
| संक्रमण विधि | तीन घंटे का सशस्त्र अभियान, बैंक, पुलिस/लेवी स्टेशन और सरकारी कार्यालयों पर कब्ज़ा |
| कदम | हाईवे ब्लॉक, गश्त, सरकारी संरचनाओं को बाधित करना |
| निष्पादन | BLA का दावा नियंत्रण का; पुलिस/सेना के मुताबिक पलटन तैनाती के बाद विद्रोही पीछे हट गए |
| सरकारी प्रतिक्रिया | प्रधानमंत्री निंदा, स्थानीय प्रशासन सक्रिय, सुरक्षा बलों की कार्रवाई |
🧭 सामरिक और राजनीतिक मायने
यह घटना बलूचिस्तान विद्रोह के नए उग्र चरण का संकेत देती है—जहाँ विद्रोह अब जंगलों और कस्बों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रमुख शहरों और महत्वपूर्ण मार्गों पर कब्ज़ा करने जैसा कदम उठा रहा है ।
- इसने CPEC (चीन–पाकistan आर्थिक गलियारा) जैसे रणनीतिक योजनाओं को भी खतरे में डाल दिया है, क्योंकि सुराब मार्ग इस परियोजना के अहम हिस्सों में आता है ।
- BLA ने इस कार्रवाई को पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और शासन पर प्रश्नचिन्ह लगाने वाला कदम बताया।
✅ निष्कर्ष
30 मई 2025 को सुराब पर BLA का कथित कब्ज़ा, न सिर्फ़ सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करता है, बल्कि यह आंदोलन की स्थिति में अहम बदलाव की सूचना देता है। BLA अब न केवल विद्रोही हिंसा बल्कि प्रशासन और आर्थिक संरचनाओं को कमजोर करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे पाकिस्तान की सत्ता संरचना पर सीधा प्रहार हो रहा है।

