🔹 स्थान व तारीख
- दिनांक: 30 मई 2025
- स्थान: जकार्ता, इंडोनेशिया
🔹 संदर्भ
भारत–पाकिस्तान सीमा पर 2025 की शुरुआत में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसका चीन–पाकिस्तान आर्थिक गलियारे जैसी रणनीतिक परियोजनाओं और आतंकवादी हमलों के कारण सीज़फायर के लिये पहुँचा। विशेषकर “ऑपरेशन सिंदूर” नामक भारतीय कार्रवाई और पाकिस्तानी जवाबी हलचल के बीच हवाई हमले, गोलीबारी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं ।
🔹 क्या कहा सलमान खुर्शीद ने?
- खुर्शीद ने स्पष्ट किया कि भारत ने पाकिस्तान को कॉल नहीं किया, बल्कि पाकिस्तान के DGMO ने भारत से शीघ्र धमनीकरण रोकने के लिए कॉल किया था ।
- उन्होंने इस आरोप को जिसे भारत पर पहले संपर्क करने के लिए लगाया गया था, “poori tarah bakwas” (complete hogwash) करार दिया ।
- उन्होंने पूछा, “हम पहले क्यों कॉल करते?” और कहा कि कॉल अब तक भारत की ओर से होनी थी — जो सीमित परिस्थिति में बाद में आया था ।
🔹 उनका तर्क
- खुर्शीद ने कहा कि भारत सीमा पर हमले के खिलाफ़ प्रतिवाद के लिए मजबूर था, पर जब पाकिस्तानी पक्ष को स्थिति पर नियंत्रण करना था, तभी उसने संपर्क किया, ताकि दोनों तरफ हलचल रोकी जा सके ।
- उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने अतिरिक्त हमले नहीं जारी रखे, जब पाक डी.जी.एम.ओ. ने बातचीत का प्रस्ताव दिया—लालच नहीं, संयम का परिचय दिया गया ।
🔹 व्यापक संदर्भ और निहितार्थ
- यह मामला उस भारतीय विदेश नीति की कटु आलोचना का हिस्सा है जो समान प्रतिबद्धता और आतंकवाद के विरुद्ध स्पष्ट संवाद पर आधारित थी ।
- इस बयान के माध्यम से यह संदेश भी गया कि राजनीतिक बयानबाजी से हटकर, कार्रवाई और नियंत्रण संबंधी तथ्य मीडिया और जनता तक सीधे पहुँचने चाहिए।
📝 रिपोर्टर की दृष्टि से — खाका
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| तारीख एवं स्थान | 30 मई 2025, जकार्ता (इंडोनेशिया) |
| संबंधित घटना | भारत–पाक सीमा पर संकट, “ऑपरेशन सिंदूर” नामक कार्रवाई |
| कहावत | भारत ने कॉल नहीं किया, पाकिस्तानी DGMO ने किया |
| बयान की भाषा | “complete hogwash” (पूरी तरह बकवास) |
| सुखद अंत | भारत की ओर से संयम दिखाया गया, आतंरिक विवाद की जगह संवाद चुना गया |
✅ निष्कर्ष
सलमान खुर्शीद का यह बयान न केवल उस वक़्त के सीमावर्ती तनाव पर जवाब है, बल्कि यह सार्वভौमिक स्थिति में भारत की कूटनीतिक स्पष्टता और संयम की व्याख्या करता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत ने नियंत्रण और प्रतिरोध की स्थिति में निर्णय लिया, जबकि पड़ोसी देश ने ही सीमा वार्ता को आगे बढ़ाया।

