मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर राजस्थान सरकार की कृषि एवं उपभोक्ता मामलों की विभाग ने नकली व घटिया गुणवत्ता वाली कृषि खाद (fertiliser) की आपूर्ति में शामिल दो प्रमुख कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई, साथ ही कई फैक्ट्रियों को सील किया गया। जांच प्रवर्तन दल ने किशनगढ़, अजमेर सहित अन्य ठिकानों पर छापे मारकर तस्करी का पर्दाफाश किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!🔍 जांच एवं छापेमारी की विस्तृत जानकारी
- 30 मई 2025 को कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा खुद निशाने पर खड़ा होकर किशनगढ़, टिलोनिया, डिंडवाड़ा, नालू और उदयपुरकालन सहित कई फैक्ट्रियों में छापे मारे गए। इन फैक्ट्रियों में अनाधिकृत व नकली खाद बनाने वाली कारीगर इकाइयाँ सक्रिय मिलीं।
- छापों में मार्बल स्लरी, मिट्टी, पत्थर की चूर्ण, क्ले और रंग मिलाकर खाद बनाई जा रही थी, जिसे IFFCO, DAP और अन्य ब्रांडों की नकली पैकेजिंग में किसानों को बेचा जा रहा था।
- लगभग 14 अवैध इकाइयों को दो दिनों में सील किया गया, और सैकड़ों बैग नकली खाद की जब्त की गई, जिनमें हजारों खाली ब्रांडेड बैग व लेबल भी मिले। कई साइट्स निरीक्षण के दौरान बंद अथवा खाली पाईं गईं।
👮 FIR और कानूनी कार्रवाई
- इस घोटाले की गहराई का पता चलते ही, कृषि मंत्री ने 12 FIRs दर्ज करने का आदेश दिया, जिनमें से दो FIRs भारी आरोपों के साथ इस धांधली में शामिल दो प्रमुख कंपनियों के खिलाफ हैं।
- मंत्री मीणा ने कहा कि अधिकारीयों की चुप्पी और सिस्टम की अनदेखी ने इस गड़बड़ी को बढ़ने में मदद की है। अब आगे क़ानूनी कार्यवाही एवं पुलिस जांच जारी है।
🌾 किसानों को होने वाले नुकसान
- जांचाधीन रिपोर्टों में सामने आया है कि ये नकली खाद हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कम से कम 15–16 राज्यों तक सप्लाई की जा रही थी, जिससे किसानों को गंभीर फसल नुक़सान और मिट्टी की बुनियादी पोषक गुणवत्ता के नुकसान की आशंका है।
- कृषि विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय सूर्य-संयुक्त खाद व्यवस्था में नकली व घटिया खाद का घुसना ग्रामीण आय पर असर पहुंचाता है और खाद्य सुरक्षा को कमजोर कर सकता है।
🧾 पीछे छूट गए अफसरों पर कार्यवाही
- मंत्री मीणा ने विभागीय जांच में स्पष्ट किया है कि पिछले निरीक्षण (30 दिसंबर 2024) के समय अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट दबा दी थी, जिससे जल्द कार्रवाई नहीं हुई। अब दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
📋 सारांश सारणी
| प्रमुख जानकारी | विवरण |
|---|---|
| घटना तिथि | 30–31 मई 2025 |
| मुख्य कार्रवाई | 14 अवैध इकाइयाँ सील, 12 FIRs दर्ज, सैकड़ों बैग नकली खाद जब्त |
| लक्षित कंपनियां | दो प्रमुख – FIR के तहत अलग पहचानी गई |
| उपयोग की सामग्री | मार्बल स्लरी, मिट्टी, रंग, पत्थर का चूर्ण |
| प्रभाव क्षेत्र | राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार, और आसपास के अन्य राज्य |
| सरकारी दृष्टिकोण | मंत्री द्वारा निरीक्षण, सतर्कता बढ़ाना, अधिकारियों की जवाबदेही तय करना |
यह मामला स्पष्ट संकेत देता है कि नकली कृषि इनपुट, विशेष रूप से खाद का अवैध उत्पादन और छद्म ब्रांडिंग, किसानों की आय और देश की कृषि उत्पादकता पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। राजस्थान सरकार की इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार का जड़ से मुकाबला करने तथा किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

