Standard Chartered Bank की भारत इकाई ने वित्तीय वर्ष की पहली छमाही (H1 2025) में $333 मिलियन का प्रॉफिट (profit before tax) दर्ज किया। यह पिछली वर्ष की $299 मिलियन के मुकाबले 11% की वृद्धि दर्शाता है ।
📊 वित्तीय आंकड़े और रुझान
- कुल आय (Total income) बढ़कर $795 मिलियन हो गई है, जो पिछले वर्ष की $753 मिलियन से 6% की वृद्धि दर्शाती है ।
- परिचालन खर्च (operating expenses) में केवल 0.45% की मामूली वृद्धि हुई, जो इसे प्रभावी लागत नियंत्रण का परिणाम बनाती है ।
- बैंक का लोन बुक लगभग 8% सिकुड़ गया (loan book down to $13.61bn from $14.79bn) जबकि डिपॉजिट्स भी घटकर $25.26 अरब हो गए, जो पिछले $27.26 अरब थे ।
🏦 भारत इकाई की वैश्विक स्थिति
- भारत अब Standard Chartered की वैश्विक संरचना में तीसरी सबसे बड़ी लाभदायक इकाई बन चुकी है, जहाँ पहले यह अमेरिका और UAE जैसे देशों से पीछे थी ।
- बाकी वैश्विक प्रदर्शन में भी बैंक ने पहले छह महीनों में 26% का कुल प्रॉफिट वृद्धि दर्ज की है (पूरी कंपनी स्तर पर $4.38 अरब से बढ़कर) ।
🎯 सफल रणनीति और कारण
- भारत इकाई की वृद्धि मुख्यतः खर्च नियंत्रण (cost discipline) और धनात्मक ग्राहक विस्तार (wealth solutions) पर केंद्रित गतिविधियों की वजह से हुई।
- बैंक ने बाजार की चुनौतियों (जैसे सिकुड़ रही लोन बुक) के बावजूद परिचालन खर्च में नियंत्रण बनाए रखा, जिसका सीधा लाभ प्रॉफिट पर दिखा ।
- वैश्विक स्तर पर, Standard Chartered ने उसके wealth management और global markets divisions में बड़े पैमाने पर वृद्धि दर्ज की, जिससे कुल प्रॉफिट में व्यापक योगदान मिला।
🧾 निष्कर्ष और आगे की राह
- 1 जून 2025 तक की छमाही में Standard Chartered India ने एक मजबूत वित्तीय परिणाम दिखाया, जिसमें सीमित खर्च वृद्धि और बेहतर परिचालन कार्यक्षमता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- भारत इकाई की बढ़ती अर्थव्यवस्था और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के चलते बैंक की वैश्विक रणनीति आत्मनिहित रूप से फलदायी साबित हो रही है।
- भविष्य में अगर बैंक ऋण पुनरुद्धार या ऋण विकास करता है, तो देश में इसकी लाभप्रदता में और सुधार आने की संभावना है।

