भारत के युवा ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश ने शतरंज की दुनिया में एक बार फिर भारत का नाम रोशन कर दिया है। उन्होंने विश्व शतरंज चैंपियन और नॉर्वे के दिग्गज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को उनके ही देश में हुए नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में हराकर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर डी. गुकेश को बधाई दी और देशवासियों से उन्हें शुभकामनाएं देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री का ट्वीट
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार सुबह अपने आधिकारिक ट्विटर/X अकाउंट से लिखा:
“भारत को अपने युवा ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश पर गर्व है! उन्होंने नॉर्वे में शतरंज की दुनिया को चौंकाते हुए मैग्नस कार्लसन को हराकर इतिहास रच दिया है। यह जीत भारत के उभरते टैलेंट का प्रतीक है। उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं!”
प्रधानमंत्री के इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर डी. गुकेश को बधाइयों की बाढ़ आ गई। खेल मंत्री, अन्य नेताओं, खिलाड़ियों और आम जनता ने भी उनकी प्रशंसा की।
मैच का रोमांच
नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में खेले गए इस निर्णायक मुकाबले में गुकेश ने काले मोहरों से खेलते हुए मैग्नस के आक्रामक ओपनिंग का धैर्यपूर्वक सामना किया और 54 चालों में बाज़ी अपने नाम की। यह जीत केवल तकनीकी दृष्टि से ही नहीं, मानसिक मजबूती और रणनीतिक कौशल का भी प्रमाण थी।
खास बातें:
- यह पहला मौका है जब गुकेश ने क्लासिकल फॉर्मेट में कार्लसन को मात दी है।
- गुकेश की उम्र केवल 18 वर्ष है, और वे पहले ही शीर्ष 10 शतरंज खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं।
- इस जीत से उन्हें फिडे रैंकिंग में भी लाभ मिला है और वे अब विश्व खिताब की रेस में प्रमुख दावेदार बन गए हैं।
डी. गुकेश का बयान
जीत के बाद गुकेश ने कहा:
“कार्लसन जैसे खिलाड़ी को हराना किसी सपने के सच होने जैसा है। यह जीत मेरे लिए बहुत खास है। मैं इसे देश को समर्पित करता हूं और सभी का आभार व्यक्त करता हूं, विशेष रूप से अपने कोच और परिवार का।”
शतरंज में भारत की स्थिति
भारत अब विश्व शतरंज मानचित्र पर एक ताकतवर देश के रूप में उभर रहा है। डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानानंद, अर्जुन एरिगैसी, निहाल सरीन जैसे युवा खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहरा रहे हैं।
विश्लेषकों की राय
शतरंज विशेषज्ञों का मानना है कि गुकेश की यह जीत केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के शतरंज इतिहास में एक नया मोड़ है। यह जीत आने वाले वर्षों में भारत को विश्व चैंपियन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है।
निष्कर्ष
डी. गुकेश की यह जीत केवल एक खेल की जीत नहीं, बल्कि भारत के युवा प्रतिभाओं की ताकत का प्रमाण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मिली सराहना इस युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को और बल देगी। अब देश को उम्मीद है कि आने वाले विश्व शतरंज चैंपियनशिप में गुकेश भारत के लिए विश्व खिताब भी जीतकर लाएंगे।

