EC ने जारी की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट अपडेट
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SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का ऐलान


“चुनाव आयोग (EC) ने SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें उन मतदाताओं के नाम भी शामिल हैं जिनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं। यह कदम मतदाता सूची को अपडेट और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। ड्राफ्ट लिस्ट के सार्वजनिक होने के बाद, कोई भी मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरण की पुष्टि कर सकता है। साथ ही, जिनका नाम गलती से हटा दिया गया है, वे पुनः नाम दर्ज कराने के लिए दावा और आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।”

मतदाताओं के लिए क्यों ज़रूरी है यह सू ?

  • यह लिस्ट हर नागरिक को यह जांचने का मौका देती है कि उनका नाम मतदाता सूची में मौजूद है या नहीं।
  • अगर किसी मतदाता का नाम हटा दिया गया है तो वह समय रहते आवेदन करके इसे दोबारा जुड़वा सकता है।
  • पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग हर वर्ष इस तरह की ड्राफ्ट लिस्ट जारी करता है।

SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम कैसे जांचें ?

  1. ऑनलाइन पोर्टल पर जाएं – चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ड्राफ्ट लिस्ट उपलब्ध है।
  2. नाम या EPIC नंबर डालें – वोटर आईडी से जुड़े विवरण दर्ज करके आसानी से खोज सकते हैं।
  3. राज्य और विधानसभा क्षेत्र चुनें – सही क्षेत्र का चयन करने के बाद नाम दिख जाएगा।
  4. PDF डाउनलोड करें – सूची को डाउनलोड करके भी जांच सकते हैं।

नाम कटने पर क्या करें ?

अगर किसी मतदाता का नाम SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है, तो उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने दावा और आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • फॉर्म 6 भरें – नया नाम जुड़वाने या कटे हुए नाम को दोबारा शामिल कराने के लिए।
  • फॉर्म 7 भरें – अगर किसी और का नाम गलत तरीके से जुड़ गया हो तो उसे हटवाने के लिए।
  • फॉर्म 8 भरें – मौजूदा विवरण में सुधार के लिए।
  • यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरी की जा सकती है।

स्थानीय बूथ स्तर पर भी मिलेगी जानकारी मतदाता अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से भी संपर्क कर सकते हैं। बूथ स्तर पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट चिपकाई जाती है, जिससे हर कोई अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकता है।


EC का बयान चुनाव आयोग का कहना है कि इस बार SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को तकनीकी रूप से और अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता मतदान से वंचित न रहे।