JF-17 फाइटर जेट इन दिनों पाकिस्तान की राजनीति, रक्षा नीति और अर्थव्यवस्था—तीनों के केंद्र में है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने दावा किया है कि इस फाइटर जेट की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग से देश को जल्द ही International Monetary Fund (IMF) के कर्ज की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस बयान के बाद JF-17 फाइटर जेट एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
JF-17 जेट पाकिस्तान और चीन का संयुक्त रक्षा प्रोजेक्ट है। इसे पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन मिलकर बनाते हैं। यह हल्का, मल्टी-रोल और कम लागत वाला लड़ाकू विमान माना जाता है, जिसकी कीमत करीब 25–30 मिलियन डॉलर बताई जाती है।
पाकिस्तान का कहना है कि JF-17 जेट की बिक्री अजरबैजान, लीबिया और अन्य देशों को की जा रही है। इसके अलावा सऊदी अरब और बांग्लादेश से भी बातचीत चल रही है। सरकार इसे रक्षा निर्यात बढ़ाने और विदेशी मुद्रा कमाने का जरिया मान रही है।
हालांकि, कई रक्षा और आर्थिक विशेषज्ञ इस दावे को जरूरत से ज्यादा आशावादी बताते हैं। उनका कहना है कि JF-17 जेट से आय जरूर हो सकती है, लेकिन इससे IMF जैसे संस्थानों पर निर्भरता पूरी तरह खत्म होना मुश्किल है।
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FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. JF-17 फाइटर जेट क्या है?
JF-17 एक हल्का और मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जिसे पाकिस्तान और चीन ने मिलकर विकसित किया है।
Q2. क्या फाइटर जेट से पाकिस्तान को आर्थिक फायदा होगा?
इससे कुछ हद तक विदेशी मुद्रा आ सकती है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह IMF कर्ज का पूरा विकल्प नहीं है।
Q3. JF-17 किन देशों को बेचा जा रहा है?
अजरबैजान और लीबिया के साथ सौदे बताए जाते हैं, जबकि अन्य देशों से बातचीत जारी है।
Q4. JF-17 की कीमत कितनी है?
एक JF-17 जेट की अनुमानित कीमत 25 से 30 मिलियन डॉलर के बीच है।

