Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
Narendra Modi ने कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज न केवल अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में भी एक अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय संसाधन भारत के ऊर्जा भविष्य के मजबूत स्तंभ हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 जैसे मंच नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और नवाचारकर्ताओं को एक साथ लाकर टिकाऊ समाधान खोजने का अवसर देते हैं। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है।अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने बीते वर्षों में सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति की है। साथ ही, उन्होंने निवेशकों को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि तकनीक और नवाचार के जरिए भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में ऊर्जा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा।अंत में, प्रधानमंत्री ने भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह आयोजन वैश्विक ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 का उद्देश्य क्या है?
A1. ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार, निवेश और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना।
Q2. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किस पर जोर दिया?
A2. स्वच्छ ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन और आत्मनिर्भरता पर।
Q3. यह कार्यक्रम किस माध्यम से आयोजित हुआ?
A3. कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल माध्यम) के जरिए।
Q4. इससे भारत को क्या लाभ होगा?
A4. ऊर्जा सुरक्षा, निवेश बढ़ोतरी और सतत विकास को गति मिलेगी।

