कर्नाटक के जिले में एक बड़ा हादसा टल गया, जब देर रात चल रही एक निजी स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। बस में सवार 36 यात्रियों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, जबकि इस हादसे में छह लोग घायल हो गए। घटना नेशनल हाईवे पर उस वक्त हुई, जब बस तेज रफ्तार में आगे बढ़ रही थी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस के पिछले हिस्से से धुआं निकलता दिखा। ड्राइवर ने तुरंत बस रोक दी और यात्रियों को बाहर निकलने के लिए कहा। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। यात्रियों की सूझबूझ और चालक की तत्परता से बड़ा नुकसान टल गया।घायलों को पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों में सुरक्षा मानकों और नियमित तकनीकी जांच की अहमियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
FAQs ( अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. शिवमोग्गा बस आग हादसे में कितने लोग घायल हुए?
A1. इस घटना में कुल छह यात्री घायल हुए हैं।
Q2. क्या सभी यात्री सुरक्षित हैं?
A2. हां, बस में सवार 36 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
Q3. आग लगने की वजह क्या बताई जा रही है?
A3. शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा है।
Q4. घायलों का इलाज कहां चल रहा है?
A4. सभी घायलों का इलाज नजदीकी सरकारी अस्पताल में हो रहा है।

